समुद्र में शार्क्स को कॉफी या ऊर्जा ड्रिंक हाथ से नहीं दी जा रही, फिर भी बहामास के कुछ शार्क्स के रक्त में कैफीन, सामान्य दर्द निवारक और एक नमूने में कोकीन के अवशेष पाए गए हैं। यह नतीजा हालिया वैज्ञानिक अध्ययन से आया है, जिसे नताशा वॉस्निक ने फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ़ पराना से नेतृत्व किया। यह पेपर 20 फरवरी 2026 को जर्नल Environmental Pollution में प्रकाशित हुआ।
अध्ययन क्या किया गया
वैज्ञानिकों ने एल्यूथेरा द्वीप के आसपास 85 शार्क्स के रक्त के नमूने लिए। कुल मिला कर लगभग एक-तिहाई नमूनों में मानव-जनित दवाओं के निशान मिले। अध्ययन में शामिल मुख्य बिंदु ये हैं:
- पाए गए पदार्थ: कैफीन, एसीटामिनोफेन (एक सामान्य दर्दनिवारक), डाइक्लोफेनाक (एक एंटी-इन्फ्लेमेटरी दवा) और कम से कम एक शार्क में कोकीन।
- प्रभावित प्रजातियाँ: कैरिबियन रीफ शार्क, नर्स शार्क और लेमन शार्क शामिल थीं।
- नए रिकॉर्ड: कैफीन पहली बार वैश्विक स्तर पर शार्क में दर्ज किया गया है। एसीटामिनोफेन भी शार्क में पहली बार पाया गया। बहामास में कोकीन और डाइक्लोफेनाक पहले रिकॉर्ड नहीं किए गए थे।
ये पदार्थ समुद्र में कैसे आते हैं
अनुसंधानकर्ता मानते हैं कि ये प्रदार्थ मुख्य रूप से सीवेज और वेस्टवाटर डिस्चार्ज के जरिए समुद्र में पहुंच रहे हैं। कुछ और कारण भी हो सकते हैं:
- भारी पर्यटन वाले क्षेत्र जहां नालियां और ट्रीटमेंट कमजोर हैं।
- डाइविंग और तट के पास मानव गतिविधि से प्रत्यक्ष प्रदूषण।
- ड्रग शिपमेंट्स का खो जाना या फेंक दिया जाना, जिससे कोकीन समुद्र में मिल सकता है।
शार्क्स पर संभावित प्रभाव
शोध में पाया गया कि जिन शार्क्स में ये पदार्थ थे उनके मेटाबोलिक संकेतक बदल गए थे। उदाहरण के लिए ट्राइग्लिसराइड्स, यूरिया और लैक्टेट के स्तर में फर्क दिखा, जो तनाव के संकेत हो सकते हैं।
हालांकि सीधे तौर पर व्यवहारिक बदलाव अभी पुष्टि नहीं हुआ है, पर अन्य मछलियों पर हुए अध्ययनों से पता चलता है कि स्टिमुलेंट्स जैसे कैफीन ऊर्जा स्तर और जोखिम प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। इससे शिकार करने और बचने के तरीकों पर असर पड़ सकता है, लेकिन शार्क्स के व्यवहार पर इसका ठोस प्रमाण अभी नहीं है।
पिछला शोध और व्यापक संदर्भ
यह टीम पहले 2024 में ब्राज़ील के रियो डी जनेरियो के तटों पर एक अध्ययन कर चुकी है, जहां सभी नमूना किये गए शार्क्स में कोकीन की अधिक मात्रा मिली थी। उस काम ने लंबी अवधि के संपर्क के संभावित प्रभावों और समुद्री भोजन खाने वाले मनुष्यों के लिए जोखिम पर सवाल उठाए थे।
अगले कदम क्या होने चाहिए
- अधिक व्यापक और दीर्घकालिक अध्ययन, ताकि दवाओं के संयोजन और मात्रा का प्रभाव समझा जा सके।
- सीवेज ट्रीटमेंट और पर्यटन क्षेत्रों में निगरानी और सुधार।
- समुद्री जीवन और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का मूल्यांकन।
कुल मिलाकर यह अध्ययन साफ़ संकेत देता है कि मानव गतिविधियों से जुड़ा प्रदूषण महासागर के शिखर पर मौजूद जीवों तक पहुंच रहा है। यानी समंदर अब केवल नमक और पानी नहीं, बल्कि कई बार मानव गतिविधियों के छोटे-छोटे अवशेष भी संभाल रहा है।