शिक्षकों की जगह AI, और फीस कम नहीं

कभी-कभी शिक्षा जगत में ऐसे प्रयोग सामने आते हैं जो पहले सुनने में प्रयोग कम और महंगा मजाक ज्यादा लगते हैं। लेकिन इस बार मामला वास्तविक है। अमेरिका की निजी Alpha School में शिक्षक नहीं हैं, कम से कम पारंपरिक अर्थों में तो नहीं। यहां पढ़ाई को दिशा देने का काम AI करता है, और छात्रों को आगे बढ़ाने के लिए “गाइड” मौजूद रहते हैं।

CBS की रिपोर्ट के मुताबिक Alpha School के अमेरिका में पहले से 22 कैंपस हैं। इसका नया कैंपस शिकागो में है, जहां अगले साल के लिए दो छात्रों का नामांकन हो चुका है। इसके अलावा करीब 40 और छात्र रुचि दिखा चुके हैं।

दिन में दो घंटे AI से पढ़ाई

रिपोर्ट के अनुसार, जिन छात्रों के माता-पिता हर साल 55,000 डॉलर फीस चुकाते हैं, वे दिन में अधिकतम दो घंटे AI से सीखते हैं। इसके बाद वे एक “गाइड” के साथ जीवन कौशल से जुड़े वर्कशॉप में हिस्सा लेते हैं।

ये “गाइड” असल में वास्तविक लोग हैं, लेकिन उन्हें शिक्षक नहीं कहा जाता। Alpha School की संस्थापक Mackenzie Price ने CBS से कहा कि स्कूल वही पाठ्यक्रम इस्तेमाल कर रहा है जो पारंपरिक कक्षा में पढ़ाया जाता है। उनके मुताबिक यह कोई ऐसा ChatGPT नहीं है जो मनगढ़ंत सवाल बना दे।

यानी तकनीक का उपयोग है, लेकिन यह पूरी तरह से बेलगाम नहीं है। कम से कम दावे के स्तर पर तो नहीं।

AI शिक्षा में नया प्रयोग, लेकिन अकेला नहीं

यह तरीका आज की शिक्षा में सबसे अजीब प्रयोगों में से एक लग सकता है, लेकिन यह इकलौता नहीं है। जापान के टोक्यो स्थित कंपनी Luminaris ने फरवरी में अपनी नई सेवा Wish High शुरू की, जहां कक्षाएं VTubers द्वारा पढ़ाई जाती हैं।

इसी तरह, युवा किसानों को Farming Simulator 2025 के जरिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसे असली काम का एक तरह का “डिजिटल ट्विन” बताया गया है।

AI अब किताबों, कक्षाओं और प्रशिक्षण मॉडलों में काफी गहराई तक घुस चुका है। सवाल सिर्फ इतना है कि यह पढ़ाई को बेहतर बनाएगा, या शिक्षा के बिल को बस और शानदार तरीके से पैक करेगा।