Casio ने एक अपेक्षाकृत सुनने में अटपटा लेकिन शानदार प्रोडक्ट पेश किया है: एक लग्जरी कैलकुलेटर। यह मॉडल S100 परिवार पर आधारित है, लेकिन कंपनी ने इसे पारंपरिक जापानी उरुशी लैकर के साथ खास ट्रीटमेंट दिया है।

उरुशी तकनीक: पुराना, हाथ से किया हुआ और चमकीला

उरुशी एक सदियों पुरानी जापानी लैकरिंग तकनीक है जिसे मंदिरों, शिल्प और अन्य पारंपरिक वस्तुओं पर प्रयोग किया जाता रहा है। यह प्राकृतिक पेड़ की राल से बनता है और इसकी खासियत है गहरी चमक और टिकाऊ फिनिश। Casio के S100X Urushi एडिशन में यही प्रक्रिया लागू की गई है।

बनाने की प्रक्रिया और वक्त

  • हर यूनिट पर लैकर हाथ से लगाया जाता है।
  • यह काम Yamakyu Shikko नामक लगभग 95 साल पुरानी लैकरवेयर फैक्ट्री के कारीगरों द्वारा किया गया।
  • पूरी प्रक्रिया, सूखने और जांच सहित, लगभग एक महीने तक चलती है।
  • हाथ से लगाने की वजह से हर कैलकुलेटर पर सूक्ष्म भिन्नताएं रहती हैं, इसलिए हर टुकड़ा थोड़ा अलग दिखता है।
  • अंत में हर यूनिट को एक कार्यशाला में पॉलिश किया जाता है ताकि शीशे जैसी चमक मिले।

क्या मिलता है और कितने में?

S100X Urushi का बॉडी काला है और Casio का कहना है कि इसका लुक वक्त के साथ परिपक्व और आकर्षक बनता जाएगा। यह खास एडिशन ¥99,000 में आता है, जो लगभग $620 या £460 के बराबर है। कुल मिलाकर केवल 650 यूनिट बनाए गए हैं, इसलिए यह किसी लक्जरी गैजेट कलेक्शन का हिस्सा बन सकता है।

प्रस्तुति बॉक्स भी प्रीमियम है, इसमें गोल्ड डिटेलिंग और गोल्ड फॉयल Casio लोगो दिया गया है, ताकि जिसे भी पेकैज मिलें उसे शंका न रहे कि यह सस्ता सामान नहीं है।

कारीगर की आवाज

Ryuji Umeda, जो लैकरिंग प्रक्रिया में शामिल रहे, ने कहा किfinished काम देखकर उन्हें गहरा असर हुआ। उन्होंने बताया कि उनकी फिक्र सामग्री का सम्मान करने और उसे पूरी मेहनत के साथ तैयार करने की रहती है, ताकि कुछ ऐसा बनाया जाए जिसे वर्षों तक चाहा जाए। उस परियोजना को उन्होंने विशेष और कारीगरी और गर्व का प्रतीक बताया।

किसे पसंद आएगा?

यह प्रोडक्ट उन लोगों के लिए है जो रोजाना के बुनियादी उपकरणों में भी अनोखापन और पारंपरिक कौशल की कदर करते हैं। अगर आप कैलकुलेटर को सिर्फ नंबर बताने की मशीन मानते हैं, तो यह खरीदना थोड़ा असामान्य लगेगा। लेकिन अगर आप डिजाइन, सीमित संख्या और हस्तशिल्प को महत्व देते हैं, तो यह उन वस्तुओं में से है जो चर्चा पैदा कर सकती हैं।

यह पहला मौका नहीं जब पारंपरिक तकनीक से महंगे कलेक्टेबल बनाए गए हों। पहले भी जापान में सदियों पुरानी शिल्प पर आधारित सीमित संस्करण प्रोडक्ट्स देखे जा चुके हैं।