फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने घोषणा की है कि कुर्दिश क्षेत्र, उत्तर इराक में एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत हुई। इस हमले में कई अन्य सैनिक भी घायल हुए बताए गए हैं।

कौन मरा और क्या कहा गया

मैक्रोन ने कहा कि चीफ वारंट ऑफिसर अर्नो फ्रिओन "फ्रांस के लिए मरे" जबकि वे एरबिल क्षेत्र में तैनात थे। राष्ट्रपति ने इस हमले को "अस्वीकार्य" करार दिया और कहा कि फ्रांस घायल सैनिकों और उनके परिवारों के साथ खड़ा है।

फ्रांसीसी मौजूदगी का मकसद

राष्ट्रपति ने दोहराया कि फ्रांसीसी बलों की इराक में मौजूदगी पूरी तरह से आतंकवाद से लड़ने के ढांचे के भीतर है। फ्रांसीसी बल 2015 से इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के हिस्से के रूप में तैनात हैं, खासकर आईएसआईएस के खिलाफ।

हमले की जिम्मेदारी और क्षेत्रीय संदर्भ

अलबत् कई समूहों ने हाल के हमलों की जिम्मेदारी ली है। बरसों से सक्रिय कुछ ईरानी समर्थक समूहों ने, जिनमें इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक भी शामिल है, हमलों का दावा किया है। एक प्रेषित बयान में एक समूह ने कहा कि फ्रांसीसी हित "इराक और क्षेत्र में" निशाने पर रहेंगे।

अल जज़ीरा के बगदाद संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, इराक में अब स्थितियां एक तरह के दूसरे युद्धास्थल बनती जा रही हैं, जहां तेहरान को निशाना बनाकर संयुक्त राज्य और उसके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिकी हितों, सैन्य ठिकानों और दूतावासों पर हमले किए गए हैं।

अन्य घटनाक्रम और सुरक्षा उपाय

  • फ्रांसीसी सैन्य स्रोतों ने कहा कि एक ड्रोन हमले में एक सैन्य ठिकाना निशाना बना; इस हमले में छह सैनिक घायल हुए थे, पर यह स्पष्ट नहीं था कि वही घायल मैक्रोन के बयान में बताये गए हैं या नहीं।
  • इटली ने भी बताया कि उसकी एक रात्री हवाई चोट ने एरबिल में स्थित उसके सैन्य ठिकाने को हिट किया; वहां किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली।
  • मैक्रोन ने मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने पर अपनी प्रमुख विमानवाहक पोत शार्ल दे गॉल को भूमध्य सागर की ओर भेजने और साइप्रस में अतिरिक्त वायु रक्षा यूनिट तैनात करने का संकेत दिया है।

क्या मायने रखता है

स्थिति इस बात का संकेत देती है कि इराक में विदेशी सैन्य और कूटनीतिक मौजूदगी जोखिम में है। फ्रांस ने अपने सैनिकों और हितों की सुरक्षा पर जोर दिया है, पर घटनाओं से साफ है कि क्षेत्रीय तनाव बढ़ रहा है और आगे भी अस्थिरता बनी रह सकती है।

यह रिपोर्ट उपलब्ध जानकारियों पर आधारित है और स्थितियों के तेजी से बदलने की संभावना बनी रहती है।