Aston Martin इन दिनों किसी भी तरह की अच्छी खबर नहीं दे रहा है। AMR26 को लेकर वजनदार चिंताएँ हैं और टीम एक ही समय में दो मोर्चों पर लड़ रही है: एक, कार के तकनीकी मुद्दों को सुलझाना; और दो, टीम के नेतृत्व में संभावित बदलाव की अफ़वाहें।

टेक्निकल सिरदर्द औरलीडरशिप की अटकलें

नए सीज़न की शुरुआती दौड़ें दिखा चुकी हैं कि AMR26 उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा है। टीम की अंदरूनी चर्चा यह भी है कि Jonathan Wheatley की उपलब्धता और उनकी संभावित एंट्री पर विचार हो रहा है, खासकर उनके Audi F1 छोड़ने के बाद। साफ है कि टीम को बदलाव और तेज़ काम की जरूरत है।

दो ड्राइवर, अलग-अलग रुख

पायलटों के रवैये अलग-अलग हैं। Fernando Alonso ने सार्वजनिक तौर पर शांत और व्यावहारिक अप्रोच अपनाई: उन्होंने Honda से पावर यूनिट में सुधार और टीम के साथ मिलकर हल खोजने की उम्मीद जताई। Alonso ने कहा कि वह जापान में रेस तक आराम करेंगे, कसरत करेंगे और सही तैयारी के साथ लौटेंगे।

Lance Stroll ने क्या कहा?

Lance Stroll ने भावनात्मक और सीधे अंदाज़ में अपनी नाखुशी दिखाई। चीन के रन के दौरान रेडियो पर उनकी टिप्पणी सामने आई, जो साफ और कटु थी। उन्होंने AMR26 को बहुत ही नापसंद बताया और परिणाम भी कमजोर रहे: क्वालिफाइंग और रेस के सत्रों में कार पैक के निचले हिस्से में रही जबकि Alonso ने कुछ बेहतर प्रदर्शन के संकेत दिए।

सीज़न की शुरुआत में Stroll ने कहा था कि कार की सबसे अच्छी बात उसका पेंट है। उन्होंने सुधारों के लिए विस्तार से गुजारिश भी की और कभी-कभी मज़बूत उम्मीद भी जताई: टीम में प्रतिभा है, सुविधाएं अच्छी हैं और Honda ने हाल के वर्षों में अच्छा प्रदर्शन किया है।

क्या उम्मीद कर सकते हैं?

  • तकनीकी सुधार: Aston Martin और Honda पर दबाव है कि वे AMR26 के बड़े मुद्दों को जल्द सुलझाएँ।
  • टीम की मानसिकता: ड्राइवरों के अलग रवैये से अंदरूनी संघर्ष का संकेत मिलता है, पर दोनों का लक्ष्य अंततः सुधार ही है।
  • नेतृत्व परिवर्तन: Jonathan Wheatley के नाम पर चर्चा यह बताती है कि टीम बदलाव के विकल्पों पर विचार कर रही है।
  • जापान ग्रैंड प्रिक्स: अगली रेस टीम के लिए पहली बड़ी कसौटी होगी कि क्या सुधारों का असर दिखता है या नहीं।

संक्षेप में, Aston Martin को दोनों तरफ से काम करना होगा: कार की खामियों पर तेज़ी से काम और टीम की आंतरिक स्थिति को स्थिर करना। जापान में टीम को एक और मौका मिलेगा कि वह प्रगति दिखाए, वरना आलोचनाएँ तेज़ होती रहेंगी।