प्रकाशित 11 मार्च 2026

न्यूयॉर्क में एक IBBL इवेंट के दौरान, यूरोप के सबसे जाने-माने कोचों में से एक ने बातों का पिटारा खोल दिया और बताया कि NBA Europe कोई टुच्ची ख़्वाब नहीं है, बल्कि काम चल रहा है। हाँ हाँ, रोम और मिलान जैसी जगहों पर भी कभी NBA टीम देखने की संभावना है, और यह सुनकर इतालवी फुटपाथ चाहकर भी थोड़ी फेस्टिविटी से खाली नहीं रहेंगे।

NBA Europe: क्या चल रहा है?

कोच ने कहा कि NBA अभी कुछ क्लबों के समूह से बातचीत कर रहा है और ओलिम्पिया मिलान उनमें शामिल है। योजना में सात-आठ यूरोपीय टीमों का होना और कुछ टीमों को ‘कृत्रिम रूप से’ बनाकर शहरों में उतारना, जैसे रोम, मैन्चेस्टर और पेरिस, भी शामिल है। उनका शब्द थे, "वे बहुत कड़ी मेहनत कर रहे हैं". मतलब, बैठकर कॉफी नहीं पी रहे, असल काम चल रहा है।

Messina ने क्यों कहा कि यह मौका बड़ा है

उन्होंने NBA Europe प्रोजेक्ट को यूरोपीय बास्केटबॉल के इकोसिस्टम को साफ़ करने की एक बड़ी संभावना बताया। उनकी बातें सरल थीं: खिलाड़ी बहुत ज़्यादा मैच खेलते हैं, और यह जरूरी है कि सफलता के साथ वित्तीय स्थिरता भी बन सके। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोलीग और NBA के बीच बातचीत हो रही है ताकि दोनों संस्थाओं के बीच समझौता निकल सके, और यह संभवतः पूरे यूरो के बास्केटबॉल के हित में होगा।

संक्षेप में: कम मैच-भारीपन, बेहतर मनी मॉडल, और दो बड़ी संस्थाओं का समझौता—यह सब किसी बड़े री-ऑर्गेनाइज़ेशन का हिस्सा लग रहा है।

ओलिम्पिया मिलान से विदाई — क्यों और कैसे

अपने मिलान छोड़ने के फैसले के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें महसूस हुआ कि वे वह काम अब ठीक से नहीं कर पाएंगे, भले ही उन्हें टीम और खिलाड़ी पसंद थे। वे पहले ही उत्तराधिकार योजना तैयार कर चुके थे और फैसला किया कि उसे लागू करना ही बेहतर होगा।

उन्होंने मैनेजमेंट पर भी एक दिलचस्प आलोक डाला: तीन तरह के मैनेजर होते हैं — वे जो सब कुछ लेकर भी काम नहीं कर पाते, वे जो मौजूद संसाधनों को खा जाते हैं, और वे जो परिणामों के साथ-साथ नए 'एस्सेट' भी बनाते ताकि जब वे जाएं तो टीम अपना काम जारी रखे। खुद उनका मानना था कि उनकी जिम्मेदारी सिर्फ़ अभी का सर्वश्रेष्ठ करना नहीं, बल्कि भविष्य बनाना भी था।

लॉस एंजेल्स और सान एंटोनियो के किस्से

अपने अमेरिकन दौर को भी उन्होंने याद किया। लेकर्स के साथ उनके समय में कोबे ब्रायंट ने सबसे ज़्यादा मदद की, क्योंकि कोबे को यूरोपीय बास्केटबॉल का बड़ा फैन होना और इटली में गुज़रा हुआ समय था, जिसने लोगों के बीच उन्हें स्वीकार कराने में मदद की।

सान एंटोनियो स्पर्स में ग्रेग पोपोविच के साथ बिताए पांच सालों की भी एक छोटी सी कहानी सुनाई: पोपोविच ने टीम को यह सिखाया कि पहले खिलाड़ी से मानवीय संपर्क बनाओ, हाथ मिलाओ, कंधे पर थपथपाओ, और बातचीत करो पर बास्केटबॉल के अलावा चीजों पर भी; फिर खेल की बात शुरू करो। सरल तरीका, पर असरदार।

निष्कर्ष

संक्षेप में, अगर आप सोच रहे हैं कि कभी रोम में NBA का मार्च पास होगा और आप पिज्जा खाते हुए स्लैम डंक देख पाएंगे, तो वह पूरी तरह से फैंटेसी नहीं है। खिसियानी बिल्ली म्याऊ नहीं कर रही, पर योजनाएँ जो हैं वे गंभीर हैं, और व्यापार व खेल के मेल की यह अगली कड़ी यूरोपीय बास्केटबॉल को नया चेहरा दे सकती है।

और हाँ, अगर कुछ भी बदलता है तो ऐतिहासिक क्लबों और स्थानीय फैंस के लिए यह बड़ा मैच होगा — उम्मीद है कि नई टीमों की 'कृत्रिम' शुरुआत असली जुनून में बदल पाएगी।