जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने कहा कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष का कोई सैन्य समाधान संभव नहीं है और इसे केवल राजनीतिक रास्ते से ही सुलझाया जाना चाहिए।

मर्ज़ का मुख्य बयान

उनका स्पष्ट कहना था कि इस समस्या को बंदूकों या विमानों के जरिये हल नहीं किया जा सकता। राजनीतिक बातचीत और कूटनीति ही एकमात्र व्यवहारिक विकल्प हैं, ऐसा उन्होंने बताया।

क्यों यह बात मायने रखती है

  • जर्मनी यूरोप की एक प्रमुख शक्ति है और उसका रुख अंतरराष्ट्रीय वार्तालापों में वजन रखता है।
  • मर्ज़ का संदेश यह संकेत देता है कि जर्मनी सैन्य eskalation का समर्थन नहीं कर रहा है।
  • ऐसा बयान वैश्विक मंचों पर राजनीतिक समाधान की मांग को मजबूत कर सकता है।

संक्षेप में

सरल शब्दों में, मर्ज़ ने कहा कि युद्ध समाधान नहीं है और समस्याओं को राजनीतिक रूप से सुलझाने की आवश्यकता है। यह बयान 17 मार्च 2026 को प्रकाशित हुआ।