NBA के एक मैच में ऐसा पल आया कि मौके पर मौजूद हर कोई हैरान रह गया। Hawks के जॉनाथन कुमिंगा ने तीसरे क्वार्टर के खत्म होते-होते रिबाउंड पकड़ा और अपनी फ्री-थ्रो लाइन से ही गेंद को Mavericks के बास्केट की तरफ भेज दिया।
क्या हुआ ठीक-ठीक?
तबाही या किस्मत, जो भी कहो। गेंद 20 मीटर से अधिक दूरी से निकलकर सीधे तीन प्वाइंट के लिए चली और साफ गोल हो गई। कैमरा और स्टैंड दोनों में गजब की प्रतिक्रिया आई, और खिलाड़ी खुद भी चौंक गए।
इरादा क्या था?
- डेस्पेरेट थ्री? कुछ लोग कह रहे हैं कि कुमिंगा ने आखिरी सेकंड में जल्दी-जल्दी शॉट आजमाया, शायद स्कोर बढ़ाने की जल्दी में।
- पास देने की कोशिश? दूसरा और अधिक संभावित नजरिया यह है कि वह अपने साथी Jock Landale को पास देने वाले थे, जो खुला हुआ दिख रहा था।
खेल के बाद खिलाड़ी की और टीम की प्रतिक्रिया से यही लगता है कि उनका लक्ष्य पास था, न कि खुद शॉट डालना। फिर भी गेंद ने गोल कर दिया और पूरा स्टेडियम चकित रह गया।
किस्मत या कौशल?
आखिरकार, इसे किस्मत का शॉट कहा जा सकता है। तकनीकी तौर पर यह एक शानदार दूरी की ट्रिपल है, लेकिन गेम सिचुएशन और खिलाड़ी की प्रतिक्रिया देखते हुए लग रहा है कि यह जानबूझकर नहीं किया गया था।
नाहक उत्साह या अनजाने में मिली झलक, किसी भी तरह यह उस रोज़ का सबसे चर्चित पल बन गया।