रात भर रूस की तरफ से बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले की खबर मिलने के बाद पोलैंड ने मंगलवार को अपनी वायु क्षमता सक्रिय कर दी। निकटवर्ती क्षेत्र में लंबी दूरी की मिसाइलों के निशाने लगने का पता चलते ही देश की सेना ने फाइटर जेट और एक शुरुआती चेतावनी विमान तैनात किए।
पोलैंड की क्या कार्रवाई हुई
आर्म्ड फोर्सेज के ऑपरेशनल कमांड ने बताया कि:
- दो फाइटर जेट और एक शुरुआती चेतावनी विमान तैनात किया गया।
- भू-आधारित वायु रक्षा प्रणाली और रडार निगरानी को पूर्ण सतर्कता पर रखा गया।
सेना ने कहा कि ये कदम रोकथाम के उद्देश्य से लिए गए थे ताकि सीमा के पास वायु क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ऑपरेशनल कमांड स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार बल और संसाधन उपलब्ध हैं।
उक्रेन पर हुए हमलों का असर
उक्रेन के राष्ट्रपति ने बताया कि हमलों में 11 राज्यों में नुकसान हुआ और चार लोगों की जान गई, साथ ही दर्जनों घायल हुए। कुछ प्रमुख बिन्दु:
- शुमी क्षेत्र के शॉस्त्का पर लगभग 40 ड्रोन दागे गए।
- खार्किव के स्लैटिने में एक ड्रोन ने इलेक्ट्रिक ट्रेन को निशाना बनाया।
- कुल मिलाकर रिपोर्ट के अनुसार करीब 390 से अधिक स्ट्राइक ड्रोन और 34 मिसाइलें चलीं, जिनमें बैलिस्टिक, क्रूज और एयर-लॉन्च्ड गाइडेड मिसाइलें शामिल थीं।
राष्ट्रपति ने इस आंकड़े को दिखाने वाला कहा कि और मजबूत सुरक्षा की जरूरत है ताकि नागरिकों की जान बचाई जा सके और उक्रेन को समर्थन जारी रखना महत्वपूर्ण है।
पिछले मामलों और नाटो का संदर्भ
यह पहली बार नहीं जब पोलैंड को अपनी हवाई सुरक्षा बढ़ानी पड़ी। पिछले महीनों में कई बार देश के वायु क्षेत्र में घुसपैठ दर्ज हुई, जिसके बाद पोलिश नेतृत्व ने पिछले साल सितंबर में अपनी जमीन के ऊपर नो-फ्लाई ज़ोन की मांग उठाई थी।
कुछ पुराने घटनाक्रम:
- दिसंबर में बाल्टिक सागर के पास पोलिश फाइटर जेटों ने एक रूसी टोही विमान को इंटरसेप्ट किया।
- पूर्वी नाटो देशों ने हाल के महीनों में एयरस्पेस घुसपैठों के बाद उच्च सतर्कता बरती है। उदाहरण के लिए दिसंबर में लिथुआनिया के हवाई अड्डों में व्यवधान हुआ और सितंबर में तीन रूसी सैन्य जेटों ने क्लासिक उल्लंघन करते हुए एस्टोनियाई वायु क्षेत्र का 12 मिनट के लिए उपयोग किया। रोमानिया और डेनमार्क भी प्रभावित हुए।
कुछ राज्य यह आरोप लगा रहे हैं कि यह सब एक तरह की "हाइब्रिड युद्ध नीति" का हिस्सा है जिससे यात्रा और सैन्य सिस्टम प्रभावित हो रहे हैं। क्रेमलिन ने इन आरोपों का खंडन किया है। नाटो ने अब तक इन घुसपैठों पर औपचारिक सामूहिक सैन्य हस्तक्षेप नहीं किया है, पर पूर्वी सीमा पर रक्षा मजबूत की गई है।
नज़र
संक्षेप में, हालिया हमले ने न केवल उक्रेन पर असर डाला है बल्कि आसपास के नाटो देशों की सतर्कता भी बढ़ा दी है। पोलैंड ने फिलहाल सीमावर्ती हवा में सुरक्षा बढ़ाई है और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।