रूस का नया कदम: VPN पर और सख्ती
रूस अपने Virtual Private Networks, यानी VPN, पर और कड़ा नियंत्रण लगाने की तैयारी में है। ये वही उपकरण हैं जिनका इस्तेमाल देश के लाखों लोग सरकारी इंटरनेट पाबंदियों और सेंसरशिप से बचने के लिए करते हैं। यह जानकारी देश के डिजिटल मंत्री ने दी है।
यह कदम उस व्यापक अभियान का हिस्सा है जिसे कुछ राजनयिकों ने रूस की "महान सख्ती" कहा है। इस दौरान अधिकारियों ने बार-बार मोबाइल इंटरनेट बंद किया है, बड़े मैसेंजर सेवाओं को जाम किया है और खुद को जनसंचार पर रोक लगाने की व्यापक शक्तियाँ भी दे दी हैं।
मंत्री ने क्या कहा
डिजिटल मंत्री मक्सुत शदायेव ने सोमवार देर रात राज्य-समर्थित मैसेंजर MAX पर कहा कि सरकार का काम VPN के उपयोग को कम करना है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि मंत्रालय की कोशिश होगी कि ये सीमाएँ उपयोगकर्ताओं पर कम से कम असर डालें।
शदायेव ने यह भी पुष्टि की कि कुछ अज्ञात विदेशी प्लेटफ़ॉर्म्स तक पहुँच सीमित करने के फैसले लिए जा चुके हैं, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कौन-सी सेवाएँ प्रभावित होंगी।
युद्ध के बाद बढ़ी निगरानी
2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूस ने सोवियत दौर के बाद के सबसे सख़्त माने जाने वाले कई कानून लागू किए। इनमें सेंसरशिप को अनिवार्य करना और संघीय सुरक्षा सेवा, यानी FSB, की ताकत बढ़ाना शामिल था। FSB, संयोग से, KGB की प्रमुख उत्तराधिकारी संस्था है।
हाल के महीनों में यह रुख और तीखा हुआ है। सरकार ने WhatsApp पर रोक लगाई है, Telegram की रफ्तार धीमी की है, और मॉस्को समेत कई शहरों व क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट को बार-बार जाम किया है।
क्रेमलिन का कहना है कि विदेशी प्लेटफ़ॉर्म कानून का पालन नहीं करते और मोबाइल इंटरनेट पर पाबंदियाँ यूक्रेनी ड्रोन हमलों को रोकने के लिए ज़रूरी हैं।
VPN बनाम सरकार: लगातार चल रही दौड़
कम्मरसांत अख़बार के मुताबिक, जनवरी के मध्य तक रूस 400 से अधिक VPN ब्लॉक कर चुका था। यह संख्या पिछले साल के अंत की तुलना में 70 प्रतिशत अधिक थी।
लेकिन यह लड़ाई एक तरफ़ा नहीं है। जैसे ही अधिकारी किसी VPN को बंद करते हैं, दूसरा सामने आ जाता है। Reuters के रिपोर्टरों के अनुसार, कई युवा रूसी तो अपने VPN रोज़ बदलते हैं। तकनीक का यही छोटा-सा, लगभग थका देने वाला चक्र है।
मॉस्को में हालात
मार्च की शुरुआत में मध्य मॉस्को में कई विदेशी वेबसाइटें मोबाइल फोन पर ब्लॉक कर दी गईं। यह उस पाबंदी का हिस्सा था जो राजधानी पर एक हफ़्ते से भी ज़्यादा समय से बनी हुई है। इसके कारण लाखों निवासियों की रोज़मर्रा की दिनचर्या बाधित हुई और उन कारोबारों को नुकसान पहुँचा जो मोबाइल इंटरनेट पर निर्भर हैं।
रूसी अधिकारियों का कहना है कि ये कदम सुरक्षा के लिए हैं और इनका उद्देश्य यूक्रेनी ड्रोन हमलों को रोकना है। लेकिन कई उद्योग विशेषज्ञों को शक है कि यह उस संभावित तैयारी का हिस्सा है, जिससे जरूरत पड़ने पर रूस को वैश्विक इंटरनेट से और आसानी से काटा जा सके।