Take-Two के CEO Strauss Zelnick ने हाल ही में जनरेटिव AI के बारे में अपनी राय दी, और उनकी रुख बहुत सीधे शब्दों में कहती है कि AI कोई जादुई शॉर्टकट नहीं है जिससे कोई अकेला व्यक्ति एक दुनिया-छाप हिट गेम बना सके।
पॉडकास्ट पर साफ बात
Zelnick ने यह बात Christopher Dring के साथ The Game Business पॉडकास्ट में कही। उनकी प्वाइंट सरल थी: नए टूल्स आते हैं, लेकिन उनसे एक बटन दबाकर पूरा हिट बन जाएगा यह सोचना उचित नहीं है। उनका शब्दों में, "यह विचार कि कोई नया टूल किसी व्यक्ति को बटन दबाने पर हिट जेनरेट कर देगा और उसे दुनिया भर के लाखों उपभोक्ताओं तक पहुंचा देगा... यह हंसाने वाला विचार है।"
AI क्रिएटिव बराबरी नहीं है
Zelnick ने कहा कि जनरेटिव AI वह बड़ा समतुल्य नहीं है जिसे कुछ लोग पूरी तरह से महान या कुछ लोग डरने जैसा बताते हैं। वे कहते हैं कि यह तकनीक हिट बनाने की दिशा में जादू नहीं करती। सरल भाषा में, ChatGPT या कोई और मॉडल अभी इतनी क्षमता नहीं रखता कि वह Rockstar जैसी बड़ी और जटिल प्रोजेक्ट का विकल्प बन जाए।
मशीनें नैतिक रूप से गलत या सही नहीं हो सकती
एक और प्रमुख बात जो उन्होंने कही वह यह थी कि मशीनों में अच्छा या बुरा होने की क्षमता नहीं होती। उनका कथन था कि वे मशीनों को नैतिक एजेंट मानने पर सहमत नहीं हैं। उनका तर्क यह है कि जो भी डिजिटल मशीनें बनाती हैं, उन निर्णयों के पीछे इंसानी डिजाइन और उद्देश्य होते हैं।
संक्षेप में क्या कहना चाह रहे हैं?
- AI से तुरंत हिट बन जाना असंभव: Zelnick का मानना है कि एक व्यक्ति द्वारा बटन दबाकर GTA 6 जैसी परियोजना बनना एक सच होने वाला विचार नहीं है।
- AI ओवरहyped है, पर पूरी तरह बेकार नहीं: वे चीज़ों को अतिउत्साह या अतिभय की श्रेणी में नहीं रखते, बल्कि तकनीक की सीमाएं इंगित करते हैं।
- मशीनें नैतिक एजेंट नहीं: उनके अनुसार मशीनों के पास अच्छा या बुरा होने की अंतर्निहित क्षमता नहीं है; जिम्मेदारी तब भी इंसानों पर ही आती है।
आखिरकार, Zelnick का संदेश संतुलन का है: AI में उपयोगी बातें हैं, लेकिन इसे किसी जादुई समाधान की तरह नहीं देखना चाहिए। गेम इंडस्ट्री जैसी जटिल रचनात्मक दुनिया में सफलता के लिए अभी भी बड़े स्तर पर अनुभव, संसाधन और टीमवर्क की जरूरत होती है।