एक छोटा सा नोट: यह खबर उन लोगों के लिए है जो VPN को गोपनीयता कवच समझकर पसंद करते हैं। पर सवाल उठाया गया है कि क्या वही VPN आपको संवैधानिक सुरक्षा से भी वंचित कर सकता है।
क्या हुआ?
छह डेमोक्रैट सांसदों ने राष्ट्रीय खुफिया निदेशक को एक पत्र भेजा और मांग की कि वह सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट करें कि क्या वाणिज्यिक VPN सेवाओं का उपयोग करने वाले अमेरिकी नागरिकों को अमेरिकी निगरानी कानूनों के तहत विदेशी माना जा सकता है। ऐसा मान लिया जाना मतलब है कि वे उन सुरक्षाओं से वंचित हो सकते हैं जो नागरिकों को उद्देश्यों के बिना खोज और जाँच से बचाती हैं।
कौन लोग पत्र पर हस्ताक्षर किए?
- सेनेटर रॉन वाइडन
- सेनेटर एलिज़ाबेथ वॉरेन
- सेनेटर एडवर्ड मार्की
- सेनेटर एलेक्स पादिला
- प्रतिनिधि प्रमिला जयापल
- प्रतिनिधि सारा जैकब्स
समस्या की जड़ क्या है?
समस्या यह है कि कई सरकारी गाइडलाइन और कुछ खुफिया प्रक्रियाएँ यह मानती हैं कि यदि किसी संचार का स्थान अज्ञात है तो उसे गैर-अमेरिकी व्यक्ति माना जा सकता है। VPN उपयोगकर्ता जब विदेश में स्थित सर्वर से जुड़ते हैं तो उनका ट्रैफ़िक विदेश के आईपी से आता दिखाई देता है और हो सकता है कि उसे विदेशी संचार समझ लिया जाए।
कौन सी नजरबंदी प्रक्रियाएँ इसमें आती हैं?
- Section 702 के तहत अमेरिकी सरकार विदेशी लोगों के व्यापक इलेक्ट्रॉनिक संचार इंटरसेप्ट करती है। यह कार्यक्रम कुछ मामलों में अमेरिकियों के संदेश भी इकट्ठा कर लेता है, और एफबीआई उन पर बिना वारंट के खोज कर सकता है।
- Executive Order 12333 के तहत भी विदेशी निगरानी के बहुत बड़े उपाय होते हैं और इसमें नियंत्रण कम कठोर हैं। दोनों के निर्देशों में अज्ञात स्थान के मामले में "विदेशी" मानने की प्रवृत्ति है।
VPN कैसे इस चित्र में फिट होता है?
वाणिज्यिक VPN कंपनियाँ आपके इंटरनेट ट्रैफ़िक को अपने सर्वर के जरिए रूट करती हैं। ये सर्वर दुनिया में कहीं भी हो सकते हैं और लाखों उपयोगकर्ता एक ही आईपी से दिखाई दे सकते हैं। इसलिए bulk इकट्ठा करने वाली एजेंसियाँ किसी अमेरिकी को विदेशी ही समझ सकती हैं जब वह विदेशी सर्वर से जुड़ा हो।
पत्र में सांसद क्या मांग रहे हैं?
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि लेखक यह नहीं कह रहे कि VPN ट्रैफिक पहले ही इकट्ठा किया जा चुका है। वह जानकारी वर्गीकृत हो सकती है। लेकिन उन्होंने निदेशक से सार्वजनिक रूप से बताने को कहा है कि VPN उपयोग से अमेरिकी नागरिकों के कानूनी और संवैधानिक संरक्षण पर क्या असर पड़ता है और उपभोक्ता खुद कैसे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।
अतिरिक्त चिंताएँ
- फेडरल एजेंसियाँ पहले भी VPN का उपयोग गोपनीयता के लिए सुझा चुकी हैं।
- लोग क्षेत्र-विशिष्ट सामग्री देखने या अपने VPN ऐप की डिफ़ॉल्ट सेटिंग के कारण विदेशी सर्वर से जुड़ जाते हैं।
- अमेरिकियों द्वारा वाणिज्यिक VPN सेवाओं पर अरबों डॉलर खर्च किए जाते हैं और कई सेवाओं के मुख्यालय विदेश में हैं।
अंत में सांसद यह चाहते हैं कि खुफिया निदेशक यह साफ बताएं कि उपभोक्ता क्या कर सकते हैं ताकि उन्हें कानून और संविधान से मिलने वाले गोपनीयता अधिकार मिलते रहें। यह मामला Section 702 की नवीनीकरण लड़ाई के ठीक समय पर उठा है, इसलिए इसके निहितार्थ नीति और कानूनी बहस दोनों में अहम हो सकते हैं।