संक्षेप में: युद्ध के 28वें दिन अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर तय हमलों को 10 दिन के लिए स्थगित कर दिया है, पर मैदान पर हमले और जवाबी कार्रवाई जारी हैं। कूटनीति चल रही है, पर दोनों तरफ असहमति भी साफ़ दिखती है।
ईरान में क्या हो रहा है
- हवाई और ज़मीन पर हमले: अमेरिका और इज़राइल की बमबारी जारी है। ईरान में अब तक 1,900 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।
- ईरान की प्रतिक्रिया: तेहरान ने इज़राइल और खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन दागे, जिनमें कुवैत, यूएई, सऊदी अरब और जॉर्डन शामिल हैं।
- हमलों की तारीख टली: राष्ट्रपति ट्रम्प ने ऊर्जा संयंत्रों पर प्रस्तावित हमलों को 10 दिन के लिए पीछे खिसकाया और कहा कि वार्ता "काफी अच्छी" चल रही है।
- मोलभाव और मांगें: ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव को एकतरफा और अन्यायपूर्ण बताया और कहा कि उसकी पांच गैर-वार्तीय मांगें हैं। इनमें युद्ध हेतु मुआवजा और हॉर्मुज़ जलडमरूग पर ईरानी नियंत्रण जैसी बातें शामिल हैं, जो व्हाइट हाउस के लिए संभवतः स्वीकार्य नहीं हैं।
- जनभागीदारी का मूड: तेहरान से रिपोर्ट करने वाले संवाददाता के अनुसार आम लोगों की नजर हमलों पर है, न कि अमेरिकी दावों पर कि बातचीत आगे बढ़ रही है।
- तेहरान में बड़े निशाने: इज़राइली सेना ने कहा कि उसने तेहरान के दिल में सरकारी संरचनाओं के खिलाफ व्यापक हमले किए।
युद्ध और कूटनीति
- मध्यस्थता तेज: पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र कूटनीतिक बीचबाज़ी कर रहे हैं। संभावित आमने-सामने वार्ता पर बात चल रही है, और पाकिस्तान में जल्द बैठक की संभावना पर चर्चा हो रही है।
खाड़ी देशों की स्थिति
- आक्रामकता और इंटरसेप्शन: पड़ोसी खाड़ी राज्य रोजाना मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रहे हैं और नियमित तौर पर इंटरसेप्शन की खबरें आ रही हैं।
- संयुक्त अरब अमीरात: अबू धाबी में एक इंटरसेप्ट किए गए प्रोजेक्टाइल के मलबे से दो लोगों की मौत हुई और तीन घायल हुए। मृतक एक भारत और एक पाकिस्तान के नागरिक बताए गए हैं।
- कुवैत: कुवैत ने बार-बार ड्रोन और मिसाइलों को रोका है, और हवा में हवाई चेतावनी सायरन और धमाकों की घटनाएं बढ़ गई हैं।
अमेरिका में क्या बदल रहा है
- हथियार आपूर्ति पर दबाव: युद्ध अमेरिकी सैन्य स्टॉक को खींच रहा है। प्रशासन विचार कर रहा है कि क्या यूक्रेन के लिए रखे गए एयर डिफेंस इंटरसेप्टर मध्य पूर्व में भेजे जाएं।
- राजनयिक मुलाकातें: कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने वॉशिंगटन में रक्षा सचिव से मुलाकात की और सुरक्षा सहयोग व क्षेत्रीय रणनीति पर चर्चा की।
- लोकप्रियता और घरेलू दबाव: युद्ध के चलते ईंधन की कीमतें बढ़ीं और इससे राष्ट्रपति की समर्थन दरों पर असर पड़ा। एक सर्वे में 64 प्रतिशत लोगों ने उनके युद्ध संचालन को नापसंद किया, 36 प्रतिशत ने समर्थन किया।
- खबरों का बदलता तरीका: पारंपरिक टीवी कवरेज पर भरोसा कम हो रहा है और लोग सोशल मीडिया की एल्गोरिदमिक फीड्स पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं या फिर वे अलग नजरिए खोज रहे हैं।
इज़राइल की भीतर की स्थिति
- सेना को और जवान चाहिए: इज़राइली सेना ने कहा कि उसे दक्षिण लेबनान में बढ़ते तनाव से निपटने के लिए और सैनिक चाहिए। वहां हेzbollah के साथ लड़ाई चल रही है और सेना एक "बफर जोन" बनाने की कोशिश कर रही है।
- आलोचना तेज: विपक्षी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री यायर लैपिड ने सरकार पर आरोप लगाया कि बिना रणनीति और पर्याप्त बल के बहु-फ्रंट युद्ध में देश को घुसा दिया गया।
- सैनिकों की हताहत सूची: दक्षिण लेबनान में हाल के संघर्षों में दो इज़राइली सैनिक मारे गए।
इराक, लेबनान और यमन की खबरें
- बेइрут में धमाके: लेबनानी मीडिया ने बेइрут के दक्षिणी उपनगरों में इज़राइली हमले की रिपोर्ट दी।
- इराक में अमेरिकी हवाई हमले: अंबार प्रांत के हब्बानियाह बेस पर अमेरिकी हमले में 5 से 7 इराकी सैनिक मारे गए और 23 घायल हुए बताए जा रहे हैं।
- कच्चे तेल पर असर: हॉर्मुज़ जलडमरूग की बंदी के कारण इराक के तेल निर्यात में 70 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है।
- लेबनान में बढ़ती हताहत संख्या: इज़राइली हमलों में लेबनान में मौतों की संख्या अब 1,116 हो गई है।
- जमीनी कब्जे का डर: लेबनान के प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र को चेतावनी दी है कि लितानी नदी के दक्षिण में इज़राइल द्वारा जमीन पर कब्जे का खतरा है।
तेल और अर्थव्यवस्था
- वर्ल्ड बैंक की तैयारी: वर्ल्ड बैंक ने कहा है कि वह उभरती बाजार वाली अर्थव्यवस्थाओं को तत्काल और बड़े पैमाने पर सहायता देने के लिये तैयार है।
- रूसी तेल के जहाज की खबर: रिपोर्ट्स के अनुसार, एक जहाज जिसमें लगभग 700,000 बैरल रूसी क्रूड था, फिलीपींस पहुंचा है। इससे पहले वहां राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की गई थी।
- क्षेत्रीय चिंताएं: एक विश्लेषक ने कहा कि दक्षिण एशियाई देश क्षेत्र पर बहुत निर्भर हैं और वे नहीं चाहते कि ईरानी सरकार ढहे या खाड़ी की अर्थव्यवस्थाएं अस्थिर हों।
कुल मिलाकर: कूटनीतिक कोशिशें तेज हो रही हैं और कुछ मौकों पर अस्थायी शिथिलता दिखाई दे रही है, पर जमीन पर हमले और जवाबी कार्रवाइयां जारी हैं। स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और अगले कुछ दिन निर्णायक हो सकते हैं।