स्लोवेनिया का चुनाव पहले ही तेज राजनीतिक झगड़ों से भरा था। अब मामला और गर्म हो गया है क्योंकि देश की खुफिया एजेंसी ने कहा है कि इज़राइल की एक निजी जासूसी कंपनी के लोग राजधानी ल्यूब्लियाना में आए और संदिग्ध निगरानी गतिविधियां कीं।

क्या हुआ?

स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर में एक निजी जेट से कई नामीगिरामी लोग आए, जिनमें Black Cube के सीईओ डैन जोरेला और पूर्व इज़राइली राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख गियोरा ईलैंड शामिल थे। जांचकर्ताओं का दावा है कि उनकी टीम ने छुपकर सुनवाई और वायरटैपिंग की, और बाद में कुछ रिकॉर्डिंग्स लीक कर दीं। ये रिकॉर्डिंग्स उच्च पदों पर बैठे लोगों की कथित भ्रष्ट बातचीत दिखाती हैं।

कौन-कौन जुड़ा है?

  • Black Cube के ऑपरेटरों पर आरोप है कि उन्होंने लीक रिकॉर्डिंग्स में सहायता की।
  • रॉबर्ट गोलोब की सरकार पर इन रिकॉर्डिंग्स के जरिए भ्रष्टाचार का संकेत देने की कोशिश हुई, जबकि गोलोब ने विदेशी हस्तक्षेप को खतरे की तरह बताया।
  • जानेज़ जन्षा और उनकी दाहिनी पार्टी SDS इस मामले को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं और इसका फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं।
  • स्थानीय एक्टिविस्ट निका कोवाच ने शुरुआत में रिपोर्ट जारी की और अब वे चाहती हैं कि जांच पूरी हो कर सब सच सामने आए।

सुरक्षा एजेंसी क्या कहती है?

स्लोवेनिया की इंटेलिजेंस और सुरक्षा एजेंसी SOVA ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को एक रिपोर्ट दी और उसके बाद राज्य सचिव वोज्को वोल्क ने बताया कि Black Cube के प्रतिनिधि पिछले छह महीनों में चार बार देश आए। SOVA के निदेशक ने कहा कि यह संभव है कि यह दखल देश के अंदर से कमिशन किया गया हो। एजेंसी ने चेतावनी दी कि ऐसे समय से पहले नष्टात्मक या निर्मित सामग्री जारी करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।

Black Cube का इतिहास छोटा नहीं

Black Cube 2010 में बना। इसे उन लोगों ने शुरू किया जिनका पिछला अनुभव इज़राइल रक्षा बलों में था। फर्म के कार्य करने के तरीके आमतौर पर मानव-खुफिया और गुप्त परिचालनों पर आधारित रहे हैं और इन्हें लेकर कई विवाद हुए हैं:

  • हॉलीवुड के विवादित निर्माता की जाँच में Black Cube का नाम जुड़ा, जहां आरोप था कि कम्पनी ने पत्रकारों और स्त्री शिकायतकर्ताओं से जानकारी इक्ठी की थी।
  • रोमानिया में 2022 में कुछ ऑपरेटरों के खिलाफ भ्रष्टाचार जाँच से जुड़ा मुकदमा चला और गिरफ्तारी के बिना सजा दी गई।
  • पूर्व सेवाकालीन खुफिया अधिकारियों का जुड़ाव फर्म की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता रहा है।

राजनीतिक असर

चुनाव से ठीक पहले रिकॉर्डिंग लीक होने से दोनों तरफ आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। SDS का कहना है कि रिकॉर्डिंग भ्रष्टाचार का सबूत हैं। गोलोब के समर्थक कहते हैं कि इन लीक्स का मकसद जनता का भरोसा तोड़कर सत्ता पर कब्जा करना है। जन्षा ने कहा है कि वे कुछ लोगों पर मुक़दमे भी चलाएंगे, जबकि एक्टिविस्ट लोग खुलकर जांच चाहते हैं।

चुनावी संदर्भ

निर्वाचन नज़दीक है और सर्वे बताते हैं कि जन्षा की पार्टी गोलोब की पार्टी से कुछ बढ़त पर है। दोनों ओर के समर्थक इन एलानियों और लीक रिकॉर्डिंग्स का उपयोग आखिरी क्षण तक वोटरों को प्रभावित करने के लिए कर रहे हैं। गोलोब ने इस चुनाव को "ऐतिहासिक मौका" कहा और सामाजिक सुधार और आर्थिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की बात कही है।

क्यों यह मामला महत्वपूर्ण है?

यह केवल एक देश का स्कैंडल नहीं है। अगर विदेशी या निजी एजेंसियां किसी लोकतंत्र के चुनाव में छेड़छाड़ कर सकती हैं, तो इससे पूरे क्षेत्र में भरोसा कम होगा। स्लोवेनिया में यह विवाद यूरोपीय संघ के अंदर बढ़ती चिंता के बीच आया है कि कैसे हाइब्रिड प्रभावी रणनीतियाँ चुनावों और सार्वजनिक बहस को प्रभावित कर सकती हैं।

अगले कदम

  • SOVA और अन्य संस्थाएँ जांच जारी रखेंगी और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद इस मुद्दे पर ध्यान दे रही है।
  • कानूनी कार्यवाहियां संभावित हैं, दोनों राजनीतिक और नागरिक स्तर पर प्रक्रियाएँ चल सकती हैं।
  • वोटर और पार्टियाँ अगले कुछ दिनों में आरोपों और जवाबों के आधार पर अपनी रणनीति बदल सकती हैं।

संक्षेप में, स्लोवेनिया का यह मामला हमें याद दिलाता है कि निजी खुफिया सेवाओं का उदय और उनकी सीमाएँ अब सिर्फ फिल्म की कहानी नहीं हैं। असली सवाल यह है कि लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही कैसे बनायीं जाएँ जब बाहरी और अंदरूनी ताकतें एक साथ सक्रिय हों।