NVIDIA का नया रेंडरिंग मॉडल DLSS 5 और उसका इस्तेमाल Resident Evil Requiem में Grace Ashcroft पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग कह रहे हैं कि यह टेक्नोलॉजी गेम के आर्ट डायरेक्शन को बदल रही है। Epic Games के लीड प्रोड्यूसर Jean Pierre Kellams ने इन चिंताओं को साफ नकार दिया है और अपनी बात सोशल मीडिया पर रखी।
कहां खड़ी है Kellams की राय
Kellams का कहना है कि जो लोग DLSS 5 के कारण आर्ट डायरेक्शन के नुकसान की बात कर रहे हैं, वे "बिलकुल पागलपन" कहने लायक हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर आप यह न जानते होते कि यह AI से किया गया है, तो आप परिणाम देखकर पूरी तरह उत्साहित हो जाते।
उन्होंने क्या उदाहरण दिए
- चेहरे पर नहीं सिर्फ दिखावट: Kellams ने कहा कि लोग चेहरे पर फोकस कर रहे हैं, पर अगर आप ध्यान दें तो और भी चीजें सुधरी हुई दिखती हैं।
- लेदर जैकेट: उन्होंने लेदर जैकेट की सतह की बेहतर नुमाइश की तरफ इशारा किया।
- गरदन पर रोशनी: गर्दन पर सही लाइटिंग और शेडिंग जैसी तकनीकी सुधारों का भी जिक्र किया गया।
संदर्भ और सार्वजनिक प्रतिक्रिया
DLSS 5 को लेकर समुदाय में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ लोग इसे आर्टिस्टिक निर्णयों पर असर डालने वाला मान रहे हैं, जबकि डेवलपर्स और तकनीक के समर्थक इसे विजुअल सुधार के रूप में देख रहे हैं। Kellams की बात यह है कि इस टेक्नोलॉजी की वजह से हुई दृश्य गुणवत्ता पर केवल नकारात्मक नजर रखना ठीक नहीं है।
कुल मिलाकर उनका तर्क सरल था: टेक्नोलॉजी ने जो परिणाम दिए हैं वे दिखाई दे रहे हैं, और अगर आप इसे AI मानकर ही ताड़ना शुरू कर दें तो आप चाहकर भी उस परिणाम की वजह से प्रभावित नहीं होंगे। Kellams ने यह भी कहा कि कई लोग इस बदलाव की सराहना करते तो वैसे ही हैं, अगर वे यह जानकर नहीं होते कि यह AI ने किया है।
यह चर्चा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि गेमिंग में टेक्नोलॉजी और आर्ट डायरेक्शन के बीच संतुलन बनाना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। DLSS 5 जैसी तकनीकें ग्राफिक्स को आगे बढ़ाती हैं, पर साथ ही सवाल भी उठते हैं कि यह कला के मूल तत्वों को कैसे प्रभावित करती हैं। Kellams ने स्पष्ट तौर पर कहा कि इस मामले में आलोचना ओवररिएक्शन है।