कड़वा सच, सीधे शब्दों में
नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस, मेटे-मारित, ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें जेफ्री एपस्टीन ने "मैनिपुलेट और धोखा दिया"। यह पहली बार है जब उन्होंने अपने लंबे समय के जान-पहचान वाले रिश्ते के बारे में खुलकर बोला।
कहानी का संदर्भ
अमेरिकी न्याय विभाग ने जनवरी में जो फाइलें जारी कीं, उनमे कई उच्च पदों पर रहने वाले नॉर्वे के लोगों के नाम भी सही मायने में चर्चा में आ गए। इन फाइलों में मेटे-मारित का नाम लगभग एक हजार बार आता है, खासकर 2011 से 2014 के बीच की व्यक्तिगत ईमेल वार्तालापों में।
पार्लियामेंट और जांच
नॉर्वेजियन संसद ने सर्वसम्मति से एक स्वतंत्र जांच कमिशन नियुक्त करने का फैसला किया ताकि विदेश मंत्रालय और एपस्टीन के बीच संबंधों की पड़ताल हो सके। यह कदम उन फाइलों और सार्वजनिक दबाव की प्रतिक्रिया है जो देश में बढ़ रहे थे।
साक्षात्कार और निजी दबाव
सात हफ्तों के बढ़ते दबाव के बाद, मेटे-मारित ने अपने पति क्राउन प्रिंस हाकोन के साथ 20 मिनट का साक्षात्कार दिया, जो कि उनके आवास स्कॉगम में रिकॉर्ड किया गया। यह साक्षात्कार तब फिल्माया गया जब उनके बेटे, मारिउस बर्ग हॉइबी, के खिलाफ चल रहा ट्रायल अंतिम चरण में था। अगर उस पर लगे 39 आरोपों में से वह दोषी पाया गया तो उसे सात साल से अधिक की सजा का सामना करना पड़ सकता है; मेटे-मारित ने बताया कि उनका स्वास्थ्य भी परेशान है और उन्हें फेफड़ों की समस्या है जिसका इलाज संभवतः ट्रांसप्लांट की मांग कर सकता है।
उनके शब्द: जिम्मेदारी और भावनाएं
साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी मानती हैं: "यह मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है कि मैंने उनकी पृष्ठभूमि और अधिक सावधानी से नहीं जाँची। और मैं जिम्मेदारी लेती हूँ कि मुझे इतनी आसानी से मैनिपुलेट और धोखा दिया गया।"
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें "बड़ा क्रोध" है कि एपस्टीन के पीड़ितों को न्याय नहीं मिला। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि अगर उनकी किसी हरकत ने एपस्टीन को किसी तरह वैधता दी हो तो उसके लिए वे जिम्मेदार महसूस करती हैं।
रिश्ते की प्रकृति और परिचय
मेटे-मारित ने बताया कि एपस्टीन को उन्होंने 2011 में कई साझा परिचितों के जरिए जाना। उस समय वे संयुक्त राष्ट्र एड्स कार्यक्रम के विशेष दूत थीं। उनका कहना था कि उनका रिश्ता "मित्रवत" था और उन्होंने किसी प्रकार की निकटता से इनकार किया।
ईमेल, गूगल और पाम बीच का दौरा
एक चर्चित ईमेल अक्टूबर 2011 का है जिसमें मेटे-मारित ने लिखा था: "पहले के ईमेल के बाद मैंने आपको गूगल किया। माना, यह अच्छा नहीं दिखा :)." जब उनसे इस भाव का अर्थ पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें याद नहीं और वे खुद इसपर काफी समय खर्च कर चुकी हैं। उनका कहना था कि अगर उन्होंने ऐसा कुछ देखा होता जिससे स्पष्ट होता कि वह एक अपराधी हैं, तो वे स्माइली नहीं भेजतीं।
फाइलों से यह भी पता चला कि मेटे-मारित जनवरी 2013 में एपस्टीन के पाम बीच घर में कुछ दिनों रहीं। उनका कहना है कि वह वहां इसलिए गईं क्योंकि एक साझा मित्र ने घर उधार लिया था, और यह बात 2019 के बाद जब गंभीर दुराचार उजागर हुआ तब से उन्होंने सबसे ज्यादा सोच-समझ कर निपटाई है।
भावनात्मक स्वीकारोक्ति
साक्षात्कार के दौरान वे भावुक दिखीं और कहा कि पीड़ितों के प्रति उन्हें दोषबोध है। उन्होंने दोहराया कि यह उनके लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत मुश्किल है और उन्होंने इस बात पर लंबी सोच की है कि उनकी मौजूदगी ने किस तरह प्रभाव डाला होगा।
निष्कर्ष
यह मामला नॉर्वे में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर हलचल पैदा कर चुका है। क्राउन प्रिंसेस ने सार्वजनिक रूप से अपनी गलतियों को माना, अपनी भावनाओं का इज़हार किया और कहा कि उन्हें धोखा दिया गया। अब जांच, पारदर्शिता और संभावित परिणाम आगे की दिशा तय करेंगे।