संक्षेप में क्या हो रहा है

पेंटागन अगले कदम के रूप में मिडिल ईस्ट में 3,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी कर रहा है। यह निर्णय अमेरिकी हवाई और मिसाइल हमलों के लगभग एक महीने बाद आया है, जो 28 फरवरी से चल रहे हैं।

मुख्य बिंदु

  • नया तैनाती: लगभग 3,000 और सैनिक भेजने की योजना पर काम चल रहा है, जिसे रक्षा अधिकारियों ने आंतरिक योजना के रूप में पुष्टि की है।
  • पहले से मौजूद बल: क्षेत्र में पहले से ही करीब 50,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।
  • हवाई अभियान: यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार 28 फरवरी से चलाए गए हवाई और मिसाइल हमलों में ईरान के अंदर 9,000 से अधिक सैन्य लक्ष्य नष्ट किए गए हैं।
  • लक्ष्य: हमलों का निशाना ईरान के मिसाइल लांचर्स, नौसेना और रक्षा औद्योगिक आधार रहे। इन हमलों से शासकीय नेतृत्व के दर्जनों सदस्य भी मारे गए हैं।
  • हार्मूज जलसंधि: ईरानी अधिकारियों द्वारा स्ट्रेट ऑफ हार्मूज पर पहुंच अवरुद्ध किए जाने से पेट्रोल की कीमतें बढ़ रही हैं; दुनिया के करीब एक पांचवां तेल इसी मार्ग से गुजरता है।
  • संभावित कार्रवाई: अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती से यह संकेत मिलता है कि अमेरिका और अधिक सक्रिय कदम उठा सकता है, जिनमें ज़रूरत पड़ने पर जलसंधि पर नियंत्रण भी शामिल हो सकता है।
  • निजी स्रोत: रक्षा अधिकारियों ने अज्ञानता बनाए रखने की शर्त पर यह जानकारी साझा की।

क्षेत्रीय हमले और कूटनीति

ईरान ने मंगलवार को इजराइल और अन्य क्षेत्रीय देशों पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमले जारी रखे। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह ईरानी बिजली संयंत्रों पर धमकीभरे हमलों को "उत्पादक वार्ताओं" की वजह से पीछे खींच रहे हैं। तेहरान ने प्रत्यक्ष वार्ताओं से इनकार किया है।

जनमत और समर्थन

एक हालिया मतदान में अमेरिकी जनता में युद्ध समर्थन घट रहा है। Reuters/Ipsos के सर्वे के मुताबिक अब 35 प्रतिशत अमेरिकियों ने हमलों का समर्थन किया, जो पिछले सप्ताह के 37 प्रतिशत से कम है। कुल मिलाकर 61 प्रतिशत ने हमलों की निंदासूचक प्रतिक्रिया दी, जो पिछले सप्ताह के 59 प्रतिशत से बढ़ा हुआ है।

क्या आगे हो सकता है

यह बढ़ती तैनाती स्थिति को शांत करने के उद्देश्य से हो सकती है या आगे की सैन्य कार्रवाई के लिए तैयारी भी। दोनों ही मामलों में जोखिम और जटिलताएं बनी हुई हैं: एक तरफ हवाई हमलों ने ईरानी सैन्य ढांचे को निशाना बनाया है और दूसरी तरफ क्षेत्रीय तनाव और तेल आपूर्ति पर असर जारी है।

संयम और जानकारी दोनों महत्वपूर्ण हैं; स्थितियों में बदलन शीघ्र हो सकती है और आगे की आधिकारिक घोषणाएं पर निर्भर रहेंगी।