क्या हुआ
Pete Hegseth, जो अमेरिका के रक्षा मंत्री हैं और ईरान के खिलाफ युद्ध-समर्थक रुख के लिए जाने जाते हैं, अब एक अलग वजह से चर्चा में हैं। Financial Times की रिपोर्ट के मुताबिक, उनके लिए काम करने वाले एक ब्रोकर ने ईरान पर हमले से ठीक पहले रक्षा क्षेत्र में बड़ा निवेश कराने की कोशिश की थी। हां, ऐसे समय पर जब पेंटागन खुद युद्ध की तैयारी में जुटा था।
तीन जानकार सूत्रों के अनुसार, फरवरी में Morgan Stanley में Hegseth के सलाहकार ने BlackRock से संपर्क कर उसके Defense Industrials Active ETF में बहु-मिलियन डॉलर निवेश की संभावना टटोलनी चाही थी। यह बातचीत उस सैन्य अभियान से पहले हुई जिसे बाद में “Epic Fury” नाम दिया गया।
कौन-सा फंड था
BlackRock, Morgan Stanley और पेंटागन, तीनों ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। BlackRock के मुताबिक, 3.2 अरब डॉलर का यह इक्विटी फंड, जिसका टिकर IDEF है, उन कंपनियों में निवेश करता है जो रक्षा और सुरक्षा पर बढ़ते सरकारी खर्च से फायदा उठा सकती हैं। वजहें भी परिचित हैं: भू-राजनीतिक बिखराव और आर्थिक प्रतिस्पर्धा। आधुनिक निवेश भाषा का वही पुराना अर्थ, बस पैकेजिंग नई है।
इस फंड की प्रमुख होल्डिंग्स में रक्षा समूह RTX, Lockheed Martin और Northrop Grumman शामिल हैं। इनके बड़े ग्राहकों में अमेरिकी रक्षा विभाग भी आता है। फंड में Palantir भी है, जो डेटा इंटीग्रेशन में माहिर है और पेंटागन की रणनीतियों में अहम भूमिका निभाती है।
सौदा क्यों नहीं हुआ
आखिरकार यह निवेश पूरा नहीं हो पाया। कारण बहुत रोमांचक नहीं था: संबंधित फंड, जो पिछले साल मई में लॉन्च हुआ था, उस समय Morgan Stanley के ग्राहकों के लिए खरीदने योग्य ही नहीं था।
ETF को आम तौर पर शेयरों की तरह आसानी से खरीदा-बेचा जा सकता है, लेकिन इनकी संख्या इतनी बढ़ चुकी है कि ज्यादातर बड़ी ब्रोकरेज और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म अब 14,000 से अधिक ETF में से सिर्फ एक हिस्सा ही उपलब्ध कराते हैं। वित्तीय दुनिया में विकल्पों की कमी नहीं है, बस पहुंच थोड़ी चुनींदा है।
आगे क्या
यह साफ नहीं है कि Hegseth के ब्रोकर ने बाद में रक्षा क्षेत्र पर केंद्रित कोई दूसरा फंड खोजा या नहीं। Nasdaq पर सूचीबद्ध IDEF ने पिछले एक साल में 28% की बढ़त दर्ज की है, हालांकि इसे मध्य पूर्व में जारी संघर्ष से लाभ नहीं मिला। उलटे, पिछले एक महीने में इसमें लगभग 13% की गिरावट आई है।
फिर भी, यह तथ्य कि Hegseth का ब्रोकर ऐसे समय में रक्षा निवेश के लिए तैयार था, जब उनके नेतृत्व वाला विभाग एक बड़े सैन्य अभियान की ओर बढ़ रहा था, आने वाले दिनों में नई आलोचना को हवा दे सकता है।