वुहान में चल रहे प्रीमंडियल में 18 साल की झांग जियू ने अपना बड़ा-सा डेब्यू किया और मानो कोर्ट पर एक नया लाइटहाउस आ गया हो. मात्र 12 मिनट में उन्होंने 12 अंक (6/8 फील्ड गोल), 3 रिबाउंड और 11 वैल्यूएशन लेकर दिखाया कि कॉर्ट पर लंबाई भी एक असल हथियार होती है. मैच का स्कोर था चीन 81, माली 68.

रिम के इतने करीब कि खुद रिम ने पूछा, ‘‘कूद कहाँ है?"

वार्मअप में झांग इतनी लंबी दिखीं कि बिना जम्प किए ही रिम को लगभग छूती नज़र आईं. हां, आप सही पढ़ रहे हैं. अगर कोई स्कोरबोर्ड पर ‘‘ऊंचाई’’ नोट कर रहा होता तो वह झट से उनका नाम लिख देता. उनकी फिजिकल प्रेजेंस कोर्ट पर इतनी असरदार है कि कोच छोटे टाइम-इंटरवल में उनका इस्तेमाल कर बड़े नतीजे पाना चाहेंगे.

कौन-कौन सी टॉवरें साथ हैं?

झांग अकेली ऊँची नहीं हैं। चाइना टीम में और भी लंबाई है: हन शू (2.05 म.) जो ऑस्ट्रेलिया की पर्थ लिंक्स में खेलती हैं, और ली युएरू (2.01 म.) जो डलस विंग्स की खिलाड़ी हैं। ली ने भी टीम के शुरुआती मैच में बहुत बढ़िया खेल दिखाया और 21 अंक व 11 रिबाउंड लेकर टीम को मजबूत शुरूआत दी।

  • झांग की ऊंचाई: 2.20 मीटर
  • डेब्यू स्टैट्स: 12 मिनट, 12 अंक (6/8), 3 रिबाउंड, 11 वैल्यूएशन
  • टीम का नतीजा: चीन 81 - माली 68

ऊंचाई का खाता: फैमिली प्लान काम आया

यह सब अचानक नहीं हुआ. झांग का जीनियस पैकेज घर से ही आया है. उनकी मां यू यिंग की ऊंचाई 1.98 मिटर थी और वह भी प्रो बास्केटबाल खिलाड़ी रही हैं. पिता झांग युकुआन 2.13 मिटर के थे और वे भी प्रो प्लेयर रहे. समझिए कि ऊंचाई का लाभ घर पर ही पढ़ाया गया।

झांग 14 साल की उम्र में ही वायरल हो चुकी थीं जब राष्ट्रीय जूनियर फाइनल में उन्होंने 42 अंक, 25 रिबाउंड और 6 ब्लॉक्स किए थे. तब से लोगों की नजर उन पर थी और अब वह सीनियर टीम में नियमितिका बन चुकी हैं.

रोल और सीमाएँ

उनका साइज उन्हें कोर्ट पर निर्णायक बनाता है पर वह लगातार बहुत लंबे समय तक नहीं खेल पातीं. कोच छोटे इंटरवैल में उनका उपयोग कर टीम को शॉट-ब्लॉक, पेंट में दबदबा और आसानी से अंक दिलाने का मौका देता है. जून के महीने में उन्होंने सीनियर नेशनल टीम के लिए डेब्यू भी किया था और एक मैत्री मैच में 13 मिनट में 18 अंक व 7 रिबाउंड का प्रभावी प्रदर्शन किया था.

संक्षेप में, चीन के पास फिलहाल एक ऐसा हथियार है जो कुछ ही मिनटों में विरोधी के प्लान को बदल सकता है. और हाँ, अगर आप अगली बार बास्केट खेल रहे हों तो ध्यान रखें: कभी-कभी आपको गेंद से नहीं, बल्कि उनके सर से चुनौती मिल जाती है.