वाइट हाउस में हुई एक छोटी सी प्रेस मुलाकात में अमेरिकी राष्ट्रपति ने जापान से हौर्मुज़ जलसंधि की सुरक्षा में अधिक मदद करने का अनुरोध किया। बातचीत की एक टोकदार घड़ी तब आई जब ट्रम्प ने पर्ल हार्बर के बारे में एक चुटकी भरी टिप्पणी कर दी, जिससे जापानी प्रधानमंत्री प्रतिनिधि सनाए ताकाइची असहज दिखाई दीं।

ओवल ऑफिस की मुलाकात और पर्ल हार्बर टिप्पणी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक रिपोर्टर ने पूछा कि अमेरिका ने ईरान पर हमलों की योजनाओं के बारे में अपने सहयोगियों को पहले क्यों नहीं बताया। जवाब में ट्रम्प ने पर्ल हार्बर का संदर्भ देते हुए एक हल्की-फुल्की टिप्पणी की। यह पल मुलाकात के सबसे चर्चा में रहने वाले क्षणों में से एक बन गया।

ताका इची की प्रतिक्रिया और चिंताएँ

सनाए ताकाइची ने ईरान की कार्रवाइयों और हौर्मुज़ जलसंधि के प्रभाव की निंदा की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं ने सुरक्षा का माहौल खराब कर दिया है और वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगने की संभावना है। फिर भी उन्होंने मीटिंग में यह भी कहा कि वह शांति के प्रयासों के लिए संवाद में लगी हैं और उन्होंने कुछ मामलों में ट्रम्प पर भरोसा जताया।

हौर्मुज़ का महत्व

हौर्मुज़ जलसंधि दुनिया के तेल व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है। लगभग एक-पांचवां हिस्सा वैश्विक आपूर्ति इसी संकरी जलराह से गुजरता है। ईरान ने वहां नौवहन को काफी हद तक धीमा कर दिया है, जिससे तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है।

जापान की कानूनी सीमा

जापान की 1947 की संवैधानिक व्यवस्था इस देश को शांतिवादी बनाती है। यह प्रावधान युद्ध और बल के प्रयोग से परहेज़ करने का प्रतिबद्धता बताता है, इसलिए जापान की सैन्य भागीदारी सीमित रहने की कानूनी वजहें हैं।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मिश्रित संदेश

ट्रम्प ने कहा कि जापान और अन्य सहयोगियों ने पीछे हटने के बजाय कदम उठाने पर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उनके बयानों में विरोधाभास भी दिखा। एक तरफ उन्होंने कहा कि अमेरिकी जरूरत कम है और किसी की आवश्यकता नहीं, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अन्य देशों से सहायता मांगी है और यह देखना अच्छा होगा कि वे जलसंधि की निगरानी करें।

  • जापान और यूरोपीय देश कुछ सामूहिक कदमों पर विचार कर रहे हैं, लेकिन उस कदम का स्वरूप अभी स्पष्ट नहीं है।
  • ट्रम्प का भाषण उन्होंने जापान की तारीफ की और कहा कि वे ‘‘स्टेप अप’’ कर रहे हैं।
  • नाटो पर टिप्पणी उन्होंने एक बार फिर तुलना करते हुए कहा कि जापान मदद दे रहा है, नाटो की तरह नहीं।

ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले

एक इज़रायली हमले ने ईरानी दक्षिण पार्स गैसफील्ड को निशाना बनाया था, जिसके बाद ईरान ने प्रत्युत्तर में कतर के रस लफ्फान प्राकृतिक गैस केंद्र पर हमले किए। रस लफ्फान वैश्विक एलएनजी आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत नियंत्रित करता है, इसलिए इस तरह के टकराव का वैश्विक ऊर्जा बाजार पर तेज असर हुआ है।

जमीनी सैन्य कार्रवाई की स्थिति

ट्रम्प ने कहा कि फिलहाल उनके पास स्ट्रेट ऑफ हौर्मुज़ पर जमीनी सेनाएँ तैनात करने की योजना नहीं है, और उन्होंने प्रेस के सवाल पर इस मामले में असमंजस बरतते हुए सीधी जानकारी साझा नहीं की।

मुलाकात कुल मिलाकर व्यापार और वैश्विक सुरक्षा विषयों पर केंद्रित थी, लेकिन ओवल ऑफिस का वह क्षण जो पर्ल हार्बर संदर्भ के साथ आया, मीडिया ध्यान में अटक गया। हौर्मुज़ की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और देशों की कानूनी व राजनीतिक सीमाएँ आगे भी इस क्षेत्र की नीतियों को तय करेंगी।