लेबनान में UNIFIL के इतालवी अड्डे पर रॉकेट, कोई घायल नहीं
शामा स्थित बेस पर गिरे रॉकेट से सिर्फ़ हल्का ढांचागत नुकसान हुआ। हमले की उत्पत्ति की जांच जारी है और रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेत्तो लगातार अपडेट ले रहे हैं।
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शामा स्थित बेस पर गिरे रॉकेट से सिर्फ़ हल्का ढांचागत नुकसान हुआ। हमले की उत्पत्ति की जांच जारी है और रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेत्तो लगातार अपडेट ले रहे हैं।
ईरान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त सैन्य धमकियां दीं, जबकि ऑस्ट्रिया ने अमेरिकी ओवरफ्लाइट अनुरोधों को खारिज कर दिया। जवाबी हमलों, कूटनीति और क्षेत्रीय तनाव का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के राष्ट्रपति से आए कथित युद्धविराम अनुरोध को ठुकराने का दावा किया और साथ ही चेतावनी दी कि अगर तेहरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही नहीं खोली, तो ईरान को “पत्थर युग” में धकेल दिया जाएगा। यह बयान उनके प्राइमटाइम संबोधन से कुछ घंटे पहले आया।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि वाशिंगटन के साथ संदेशों का आदान-प्रदान जारी है, लेकिन इसे वार्ता नहीं कहा जा सकता। उनके मुताबिक भरोसा नहीं है, जवाब भी नहीं मिला और बातचीत के लिए अभी जमीन ही नहीं बनी है।
मिस्र के अनुभवी राजनयिक और लंबे समय से Independent Arabia के लेखक नबील फ़हमी को 22-सदस्यीय अरब लीग का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है। नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब क्षेत्र ईरान के साथ चल रहे संघर्ष और उसके फैलते असर से जूझ रहा है।
इस्लामाबाद की नई कूटनीतिक पहल ने बीजिंग को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। सवाल यह है कि क्या चीन केवल समर्थन भरे बयान देगा, या पाकिस्तान के साथ मिलकर संघर्षविराम और बातचीत की दिशा में कोई ठोस भूमिका भी निभाएगा।
अमेरिका-इज़रायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को वैश्विक ऊर्जा और कूटनीति के सबसे नाज़ुक मोर्चों में बदल दिया है। अब सवाल यह नहीं कि संकट है या नहीं, बल्कि यह है कि अगला कदम किस दिशा में जाएगा।
अल जज़ीरा को दिए एक विशेष इंटरव्यू में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ईरान पर वॉशिंगटन की मुख्य शर्तें गिनाईं।
डोनाल्ड ट्रम्प बार-बार ईरान में जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन युद्ध बयानबाज़ी से नहीं, हालात से तय होता है। जमीनी सच यह है कि संघर्ष लंबा खिंच रहा है, अमेरिकी जानें जा चुकी हैं, लागत बढ़ रही है और बाहर निकलने का साफ रास्ता नहीं दिख रहा।
ईरान ने अमेरिका पर सार्वजनिक रूप से वार्ता की बात करने और भीतर-भीतर ज़मीनी हमले की योजना बनाने का आरोप लगाया है। इसी बीच युद्ध दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है, खाड़ी से लेकर लाल सागर तक तनाव और भी फैलता दिख रहा है।
तेहरान और कई अन्य शहरों पर रातभर हमले जारी रहे, कूटनीतिक बातचीत की बातें भी चलती रहीं, और उधर तेल, शेयर तथा सुरक्षा बाजारों में बेचैनी और बढ़ गई। ट्रंप ने जहां ईरानी तेल पर नज़र की बात कही, वहीं ईरान को जमीनी हमले की आशंका भी सता रही है।
सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले में अमेरिकी सैनिक घायल हुए। रिपोर्टों में संख्या में फर्क है। मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ा हुआ है, कई जगहों पर हमले और प्रतिआक्रमण की खबरें हैं।