थोड़ी पृष्ठभूमि

Omega ने Constellation नाम की घड़ियाँ 70 साल से बना रखी हैं। इस लाइन का केसबैक एक वेधशाला और आठ सितारों वाला लोगो दिखाता है। ये आठ सितारे ब्रांड की उन उपलब्धियों की याद दिलाते हैं जिनमें 1933 से लेकर 1952 तक आने वाले दो क्रोनोमीटर रिकॉर्ड और छह प्रथम स्थान के प्रिसिजन अवार्ड शामिल हैं।

समस्या: सेकंड हैंड क्यों मायने रखता है

पारंपरिक तरीकों में घड़ी की सटीकता की जाँच हमेशा सेकंड हैंड को फोटो के जरिए ट्रैक करके की जाती है। तस्वीरें कुछ निश्चित अंतराल पर सेकंड हैंड की स्थिति पकड़ती हैं और उसी आधार पर समय के ग़लत या सही होने का अंदाज़ा लगता है। अगर सेकंड हैंड ही नहीं है तो यह पारंपरिक तरीका काम नहीं करता।

METAS और COSC का फ़र्क़

दो अलग-अलग आयाम हैं जो घड़ी की सटीकता पर असर डालते हैं। COSC सिर्फ मूवमेंट की जांच करता है, और 15 दिन के परीक्षण के दौरान फोटो तकनीक से हाथों की स्थिति नापी जाती है। आम मानक रोजाना –4 से +6 सेकंड होता है। वहीं METAS पूरा तैयार घड़ी आज़माता है, केस लगाकर, और वास्तविक दुनिया की स्थितियों जैसे चुंबकीय क्षेत्र, तापमान बदलाव और पानी प्रतिरोध भी शामिल करता है। METAS के लिए शुद्धता सीमा 0 से +5 सेकंड प्रति दिन है और चुंबकीय क्षेत्र का सामना 15,000 गैस तक चाहिए। Omega के Master Chronometer प्रमाणन के लिए दोनों परीक्षण पूरे करने होते हैं।

Omega का नए तरीके का सार

समस्या का हल Omega ने अपनी Laboratoire de Précision में ढूँढ निकाला। उन्होंने एक स्वतंत्र परीक्षण यूनिट बनाया जो हर "टिक" और "टोक" की आवाज़ निरंतर रिकॉर्ड करता है और साथ ही 25 दिनों तक पर्यावरणीय पैरामीटर भी नोट करता है, जैसे तापमान, पोजिशन और वायुमंडलीय दबाव।

क्या नया है?

  • लंबी अवधि की रिकॉर्डिंग: तस्वीरों से मिलने वाले दो डेटा पॉइंट्स प्रति दिन के बजाय यह सिस्टम लगातार आंकड़े देता है।
  • बहु-पैरामीटर डेटा: आवाज़ के विश्लेषण से आवृत्ति में अनियमितता, तापमान और दबाव की संवेदनशीलता, पोज़िशनल अंतर और एम्प्लिट्यूड में बदलाव पहचाने जा सकते हैं।
  • समस्या कहाँ और कब हुई: आवाज़ के आधार पर मशीन केवल बताती नहीं कि अंतर है, बल्कि किस स्थिति और किस समय यह हुआ, यह भी रिकॉर्ड करती है।

क्या यह कुछ नया है?

ध्वनि से मापना बिलकुल नया विचार नहीं है। उद्योग में Witschi जैसी मशीनें पहले से हैं जो उच्च-परिशुद्धता माइक्रोफोन और सॉफ्टवेयर से घड़ी के रेट, एम्प्लिट्यूड और बीट त्रुटि जैसी चीज़ें नापती हैं। फर्क यह है कि वे केवल उस पल के लिए परीक्षण करती हैं जब घड़ी उपकरण पर रखी होती है। Omega का तरीका लगातार 25 दिनों तक METAS के अनुरूप विभिन्न पोजिशन और तापमान स्थितियों में डेटा लेता है, इसलिए पैमाना और जानकारी दोनों कहीं ज़्यादा विस्तार से मिलती है।

इसे समझने का आसान तरीका

संक्षेप में, पारंपरिक फोटो-आधारित टेस्ट सेकंड हैंड को देखकर कुछ समय में थोड़े-बोत्ते आंकड़े देते हैं। Omega का ध्वनि-आधारित परीक्षण पहली सेकंड से लगातार रिकॉर्ड करता है और विस्तृत पर्यावरणीय संदर्भों के साथ जोड़ता है। इसलिए परिणाम भी अधिक सूक्ष्म और व्यावहारिक होते हैं।

घड़ियाँ, कैलिबर और कीमत

Constellation Observatory कलेक्शन में दो नए कैलिबर पेश किए गए हैं। मॉडल 18K गोल्ड, प्लेटिनम-गोल्ड और स्टील में उपलब्ध हैं। कीमतें $10,900 से शुरू होती हैं और पूरे गोल्ड मॉडल की कीमत $59,100 है। बिक्री 27 मार्च से शुरू होगी।

क्या यह ज़रूरी था?

यह सच है कि ड्रेस घड़ियाँ अक्सर स्टाइल और शिल्प को प्राथमिकता देती हैं, और लोग इन्हें बार-बार सेकंड तक नहीं मिलाते। इसलिए कुछ लोग कह सकते हैं कि सेकंड-स्तर की सटीकता एक ड्रेस वॉच के लिए ज्यादा ही है। फिर भी, तकनीकी दृष्टि से यह उपलब्धि ध्यान देने लायक है क्योंकि इसने परंपरागत बाधाओं को पार किया और बिना सेकंड हैंड वाले वॉच को Master Chronometer प्रमाणित करवाया।

तो संक्षेप में: Omega ने सेकंड हैंड की कमी को ध्वनि के ज़रिये मात दे दी, और नतीजा एक ऐसा प्रमाणन मिला जो पहले दो-हाथ वाली घड़ियों में असंभव माना जाता था।