रिपोर्ट का सार
पेंटागन के सिविलियन-हानि घटाने वाले कार्यालयों पर किए गए बड़े कट से शीर्ष सैन्य अधिकारियों में नाराजगी फैली हुई थी, और यह बात अब सामने आई है। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब एक प्राथमिक रिपोर्ट में संकेत मिले हैं कि अमेरिका की अगुवाई में हुए एक हमले में एक प्राथमिक विद्यालय गलती से निशाना बना हो सकता है, जिसमें 170 से अधिक छात्र मरे।
क्या-क्या घटाया गया
सरकारी और पूर्व-सरकारी स्रोतों के अनुसार:
- पेंटागन के नागरिक हानि के केंद्र और कमांड-स्तरीय समकक्षों में स्टाफिंग 90 प्रतिशत से अधिक घटा दी गई।
- सेंट्रल कमांड की वह इकाई, जो संभावित नागरिक हानि की समीक्षा करती थी, 10 लोगों से घटकर एक शख्स रह गई।
- जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड ने अपना नागरिक-हानि कार्यालय पूरी तरह हटा दिया।
- सैनिकों को कानूनी सलाह देने वाले जज अडवोकेट जनरलों में भी कटौती की घोषणा की गई है, जबकि पहले कई ऐसे वकीलों को पहले ही निकाला जा चुका था।
सैन्य नेतृत्व ने विरोध जताया
कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने कटौती के खिलाफ पेंटागन चैन में आपत्ति जताई। उदाहरण के लिए, Kurilla ने एक वर्गीकृत मेमो भेजकर विरोध दर्ज कराया। साथ ही, उस समय स्पेशल ऑपरेशंस कमांड के प्रमुख रहे Vice Adm. Frank Bradley ने भी कटौती के खिलाफ रुख अपनाया। कई स्रोतों ने बताया कि ये विरोध निजी तौर पर मजबूत थे।
पेंटागन की आधिकारिक प्रतिक्रिया
पेंटागन ने कहा कि ये कार्यालय "रणनीतिक पुनर्मूल्यांकन" के दौर से गुजर रहे हैं ताकि उनकी जिम्मेदारियां सीधे युद्ध-प्रतिभागी कमांडों में समाहित की जा सकें। बयान में यह भी कहा गया कि विभाग नागरिक हानि कम करने के महत्व को समझता है और अपनी सटीकता पर भरोसा रखता है।
पृष्ठभूमि और राजनीतिक असर
कटौती पर आग तब और तेज हुई जब प्रारंभिक रिपोर्टों ने संकेत दिया कि एक प्राथमिक विद्यालय, जो एक ईरानी रेवोल्यूशनल गार्ड्स बेस के पास था, युद्ध की शुरुआती घड़ी में अमेरिकी-इजरायली अभियान के दौरान मारा गया और 170 से अधिक छात्रों की मौत हुई। इस घटना के बाद डेमोक्रेट्स ने Hegseth से इस्तीफे की मांग की।
इसके अलावा, हाल की घटनाओं में पश्चिमी इराक में ईंधन भरने वाले विमानों के टकराने से छह अमेरिकी सैनिकों की मौत भी शामिल है। अब तक संघर्ष में कम से कम 13 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं, और इरान के आधिकारिक दावे के अनुसार वहां हजारों हताहत हुए हैं।
सैन्य तैयारी और तैनाती
पेंटागन मध्य-पूर्व में बल बढ़ा रहा है और प्रशांत से अतिरिक्त मरीन तथा युद्धपोत क्षेत्र में भेजे जा रहे हैं।
कई आवाजें, अलग-अलग तर्क
Bryant नाम के एक पूर्व अधिकारी ने कहा कि जब नागरिक नुकसान कम होता है तो संसाधन दुश्मन के खिलाफ ज्यादा असरदार रहते हैं। उनका तर्क था कि गलत पहचान और गलती से आम नागरिकों पर हुए हमलों से समय, धन और हथियार व्यर्थ होते हैं।
दूसरी तरफ, कुछ आलोचक यह भी कह रहे हैं कि प्रशासन की जनहित संबंधी और विविधता से जुड़े कार्यक्रमों के खिलाफ कार्रवाइयों का असर यह रहा कि "सिविलियन प्रोटेक्शन" जैसी पहल कमजोर पड़ीं।
आगे क्या देखने को मिल सकता है
- पेंटागन के अंदर कटौती को लेकर तनाव जारी रहने की संभावना है।
- भविष्य में नागरिक हानि को लेकर जांचें और राजनीतिक दबाव बढ़ सकते हैं, खासकर जब युद्ध में नागरिकों की मौत से संबंधित और सबूत सामने आएंगे।
- कमांड-स्तर पर जिम्मेदारियों के पुनर्संरक्षण का असली असर तब साफ होगा जब नई तैनात इकाइयां और प्रक्रियाएं अपना काम दिखाएँगी।
नोट: कुछ वरिष्ठ अधिकारी और प्रवक्ता टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं रहे या कह चुके हैं कि निर्णय उनके कार्यकाल के बाद लिए गए।