वियना में बोलते हुए, कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने साफ़ कहा कि पारंपरिक युद्ध-तरीकों से ड्रग्स की समस्या हल नहीं हो रही। वे यूनाइटेड नेशन्स के ड्रग कंट्रोल फोरम में गए ताकि यह बात दोहरा सकें कि नशीली दवाओं को आपराधिक मसला मानना विफल नीति रही है और सार्वजनिक स्वास्थ्य व सामाजिक बदलाव पर जोर होना चाहिए।

तीन बड़ी विफलताएँ, पेट्रो का मत

पेट्रो ने नशे के खिलाफ चल रही वैश्विक नीति की तीन प्रमुख विफलताएँ गिनाईं:

  • हिंसक मानव लागत: लैटिन अमेरिका में कोकीन से जुड़ी हिंसा से करीब एक मिलियन मौतों का हवाला दिया गया, जिनमें कोलंबिया पर बड़ा असर रहा है।
  • फेंटेनाइल का विनाशकारी प्रभाव: अमेरिका में वर्तमान में सालाना लगभग 70,000 से 80,000 फेंटेनाइल-सम्बंधित मौतें दर्ज हो रही हैं। पेट्रो ने चेतावनी दी कि अगर रुझान जारी रहा तो अगले दस सालों में फेंटेनाइल से होने वाली मौतें लैटिन अमेरिका में कोकीन से हुए नुकसान से भी अधिक हो सकती हैं।
  • अपराध की अंतरराष्ट्रीय संरचना: पुराने दिनों के स्थानीय गिरोहों के बजाय आज के नेटवर्क बहुराष्ट्रीय, बहु-दोशीय और कई तरह की अवैध गतिविधियों में लिप्त हैं। पेट्रो ने इन्हें "माफिया का गठबंधन" कहा जो कोकीन के साथ मानव तस्करी, अंगों की तस्करी और हथियारों के व्यापार जैसी गतिविधियों में भी हैं।

नशे का सामाजिक और आर्थिक जुड़ाव

पेट्रो का तर्क यह है कि अलग-अलग नशे समाज के अलग-अलग चरणों और आर्थिक ढांचों से जुड़े हैं। वे उदाहरण के तौर पर बताते हैं:

  • गांजा का शुरुआती संबंध युवा विरोध आंदोलन और संस्कृति के साथ था।
  • कोकीन अधिकतर उच्च आय वाले तबकों में लिया जाता रहा है और यह औद्योगिक और वित्तीय परिधि से जुड़ा रहा है।
  • फेंटेनाइल को उन्होंने "सुसाइड ड्रग" और मानव अलगाव के उत्पाद के रूप में दिखाया, जो उन समाजों में तेजी से फैल रहा है जहां लोग अधिक अलग-थलग और आशाहीन महसूस करते हैं।

जलवायु संकट और 'संस्कृति ऑफ एक्स्टिंक्शन'

पेट्रो कहते हैं कि जलवायु संकट ने एक नया सांस्कृतिक असर पैदा किया है: युवा प्रजनन दर घटा रहे हैं, लोगों में जीवन के प्रति आशा कम हो रही है और पूँजीवादी प्रणाली की सीमाएं दिख रही हैं। उन्होंने यह चेतावनी दी कि अगर उत्पादन और उपभोग के तरीके बदले नहीं तो यह दर्शन अस्तित्व के खतरे को बढ़ाएगा।

दक्षिणी शील्ड मीटिंग और कोलंबिया का रुख

पेट्रो ने यह भी बताया कि वे दक्षिणी शील्ड के एक हालिया राजनीतिक सभा में शामिल नहीं हुए क्योंकि उन्हें न्योता नहीं दिया गया था। उन्होंने बैठक की नीतिगत दिशा पर सवाल उठाए और उस तरह की भाषा का विरोध किया जो किसी एक सांस्कृतिक या धार्मिक सभ्यता को सर्वोच्च मानती हो। उनका कहना था कि अमेरिका महाद्वीप भर में विविधता को स्वीकार करके ही मजबूत बनेगा और हिंसा कम होगी।

कोलंबिया का दावा: परिणाम और अनुभव

पेट्रो ने अपने कार्यकाल के दौरान कोलंबिया की بعض उपलब्धियाँ साझा कीं ताकि यह दिखाया जा सके कि उनके पास ड्रग नीति पर अनुभव है। वे बताते हैं कि उनकी सरकार ने महत्वपूर्ण मात्रा में कोकीन जब्त की, बड़ी संख्या में ड्रग तस्करों को सौंपा और हथियार बरामद किए। इसके साथ ही कोलंबिया ने करीब 75 देशों की पुलिस खुफिया नेटवर्क के साथ समन्वय बनाया।

ऊर्जा, भू-राजनीति और क्यूबा

पेट्रो ने सुझाव दिया कि लैटिन अमेरिका की साफ ऊर्जा क्षमता उत्तर अमेरिका की ऊर्जा जरूरतें पूरा कर सकती है यदि राजनीतिक इच्छाशक्ति और निवेश मौजूद हों। उन्होंने एक अनुमानित निवेश का उल्लेख करते हुए कहा कि दक्षिण अमेरिका की नवीनीकृत ऊर्जा योजनाओं से अमेरिकी ऊर्जा मिश्रण को साफ किया जा सकता है।

कुबा के बारे में उनका मानना है कि उसे विश्व से जोड़ा जाना चाहिए, तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा के जरिए। वे तर्क देते हैं कि बातचीत और सहयोग ही बेहतर परिणाम देंगे न कि बहिष्कार या जबरिया नीतियाँ।

नतीजा

सार में, पेट्रो का मूड यह है: ड्रग्स को अपराध के रूप में जूझना अब पुरानी नीतियाँ हैं और वे वैश्विक, सार्वजनिक-स्वास्थ्य आधारित रणनीतियों और व्यापक राजनीतिक सहयोग की मांग करते हैं। साथ ही उन्होंने जलवायु संकट और सामाजिक अलगाव को ड्रग-मांग के मूल कारणों के रूप में जोड़ा और चेतावनी दी कि यह दिशा मानवता के लिए और बड़ा जोखिम बन सकती है।

नोट: ये विचार राष्ट्रपति पेट्रो के साक्षात्कार और उनके बयानों का सार हैं और उन्होंने ड्रग नीति, ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर अपने विस्तृत दृष्टिकोण साझा किए।