मुख्य बिंदु
- नाटो ने इराक से अपनी मिशन तात्कालिक तौर पर घटाई और तैनाती फिर से आकार दे रही है।
- ईरान की सुप्रीम गाइड मोज़तबा खामेनेई का संदेश: दुश्मन पर दबाव बनाए रखें और देश के भीतर व बाहर असुरक्षा पैदा करें।
- ट्रम्प ने नाटो के कुछ साथियों पर हमला बोला और कहा कि वे डरपोक हैं।
- तेहरान के सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि अब दुनिया भर के पर्यटन और मनोरंजन केंद्र दुश्मनों के लिए सुरक्षित नहीं रहेंगे।
- क्षेत्र में कई जगहों पर मिसाइल, ड्रोन और हवाई हमले रिपोर्ट हुए; तटरक्षक्षेत्रों में जहाजों को भी नुकसान पहुंचा है।
नाटो और इराक
नाटो ने कहा है कि वह इराक में अपनी तैनाती को "रिमॉडेलिंग" कर रहा है और उसे अस्थायी रूप से घटाया जा रहा है। अलिसन हार्ट, नाटो के प्रवक्ता, ने बताया कि सैनिकों और स्टाफ की सुरक्षा प्राथमिकता है। इराकी सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि यह कदम युद्ध की वजह से लिया गया है और यह अस्थायी है।
खामेनेई का संदेश और तेहरान की नीति
सुप्रीम गाइड मोज़तबा खामेनेई ने नववर्ष के मौके पर कहा कि आज दुश्मन पर भारी दबाव है और लोगों की एकजुटता के चलते दुश्मन पर जीत हुई है। उन्होंने इंटेलीजेंस मंत्रालय को निर्देश दिया कि वह दुश्मनों के लिए असुरक्षा पैदा करे और देश के नागरिकों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करे।
इसी संदर्भ में, ईरान की सशस्त्र सेनाओं के प्रवक्ता जनरल अबोलफज़ल शेखरची ने कहा कि अब से दुनिया भर के पर्यटन और मनोरंजन स्थल दुश्मनों के लिए सुरक्षित नहीं रहेंगे। यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बना है क्योंकि इसमें विदेशों में लक्ष्यों पर कार्रवाई की आशंका झलकती है।
अमेरिका, ट्रम्प और सैन्य तैयारी
डोनाल्ड ट्रम्प ने नाटो के कुछ साथियों पर तीखा हमला बोला और कहा कि बिना अमेरिका के अलायंस "कागज़ की बाघ" जैसा है। उन्होंने यह भी कहा कि वे ईरान के परमाणु हथियार प्राप्त करने को रोकेंगे और अमेरिकी सैनिकों की हालिया कार्रवाईयों की तारीफ की।
वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से रिपोर्ट आई कि पेंटागन मध्य पूर्व में तीन और युद्धपोत और हजारों मरीन भेज रहा है। मीडिया रिपोर्टों में 2,200 से 2,500 मरीन का जिक्र है जो यूएस सेंट्रल कमांड के अधीन भेजे जा रहे हैं।
क्षेत्रीय घटनाक्रम और नुकसान
- इज़राइली जंगी थलसेना ने ईरानी इलाके के नूर क्षेत्र के कुछ ढांचों पर हवाई हमलों की बात कही है। यह इलाका कैस्पियन सागर के किनारे स्थित है।
- ईरान के बंदर लेंगेह बंदरगाह में कम से कम 16 व्यापारिक जहाजों में आग लगी होने की खबरें हैं, जिसे स्थानीय अधिकारियों ने अमेरिका-इज़राइल के हमलों से जोड़कर बताया।
- घटना के सिलसिले में खाड़ी देशों ने भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की रिपोर्ट दी है। संयुक्त अरब अमीरात ने बताया कि उसकी वायु रक्षा ने 4 बैलेस्टिक मिसाइल और 26 ड्रोन इंटरसेप्ट किए। वहां से मिली जानकारी के अनुसार अब तक दर्ज हमलों में कई देशों के नागरिक घायल हुए हैं और कई जानें गई हैं।
- कुवैत की एक रिफाइनरी में ड्रोन हमलों के बाद आग लगी और कुछ इकाइयों को बंद करना पड़ा।
- एमीरेट्स ने एक नेटवर्क के पांच लोगों की गिरफ्तारी की बात कही जो कथित तौर पर ईरान व संबंधित समूहों से जुड़ा था।
मानवाधिकार और घरेलू घटनाएँ
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान में हालिया फांसीयों में 19 साल के पहलवान सालेह मोहम्मदी भी शामिल थे। सरकारी एजेंसियों ने कहा कि उन पर जनवरी के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोप था। यह खबर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का कारण बनी है।
दूसरी कूटनीतिक प्रतिक्रियाएँ
- इटली के विदेश मंत्री ने कहा कि युद्ध के बाद हॉर्मुज जलसंधि की सुरक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र की पहलों में भाग लिया जा सकता है और कूटनीति जारी रखनी चाहिए।
- तुर्की के राष्ट्रपति रेसेब तैय्यप एर्दोगान ने इज़राइल पर कड़ी निंदा की और कहा कि इस कार्रवाई की कीमत चुकानी होगी।
- श्रीलंका ने अमेरिकी अनुरोध को ठुकरा दिया जिसमें दो युद्धक विमान वहां तैनात करने की बात थी।
कुल मिलाकर क्या देखने को मिला
संक्षेप में, स्थिति अभी अस्थिर बनी हुई है। नाटो और पश्चिमी देशों ने अपनी मौजूदगी और तैयारी बढ़ाई है, ईरान ने बाहरी और आंतरिक लक्ष्यों पर दबाव बढ़ाने की रणनीति जताई है, और खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल व ड्रोन हमले जारी हैं। कूटनीति, सैन्य चालें और सुरक्षा उपाय अब एक साथ चल रहे हैं और किसी भी नई घटना से स्थिति और तेज़ी से बदल सकती है।
जरूरी तथ्यों की सूची
- नाटो अस्थायी रूप से इराक से पीछे हट रहा है और तैनाती को फिर से आकार दे रहा है।
- खामेनेई ने दुश्मनों के लिए असुरक्षा पैदा करने का आह्वान किया है।
- ट्रम्प ने नाटो सहयोगियों की आलोचना की और ईरान पर सैन्य दबाव की बात दोहराई।
- पेंटागन मध्य पूर्व में अतिरिक्त जहाज और हजारों मरीन भेज रहा है, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार।
- खाड़ी और ईरान के भीतर कई मिसाइल व ड्रोन हमले दर्ज किए गए, और तटीय जहाजों को भी नुकसान हुआ।