Overwatch की सबसे बड़ी बहसों में से एक थी टीम साइज बदलकर 6v6 से 5v5 कर देना. यह बदलाव गेमप्ले का स्वरूप काफी बदल गया और उन खिलाड़ियों को नाराज कर दिया जो मूल 6v6 फॉर्मेट से जुड़े थे।
GDC पर खुलकर स्वीकार किया गया
गेम डायरेक्टर एरॉन केलर ने गेम डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह फैसला शायद Overwatch के इतिहास का सबसे विवादित गेमप्ले निर्णय था। उन्होंने साफ कहा कि टीम को खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया पर जल्द सुनना चाहिए था।
क्या हुआ जब टेस्ट किए गए
6v6 के परीक्षणों में साफ संकेत मिले कि बहुत से खिलाड़ी पुराने फॉर्मेट को वापस चाहते हैं। ब्लिज़ार्ड ने अंततः एक मोड जारी किया जो आज भी गेम के सबसे लोकप्रिय मोडों में दूसरे स्थान पर है।
- यह मोड लोकप्रिय तो रहा लेकिन खेलने वालों की संख्या में तेज गिरावट भी देखी गयी, जैसे दूसरे मोड्स में होता है।
- एरॉन केलर ने माना कि टीम के पास इस डेटा के साथ फिलहाल स्पष्ट रास्ता नहीं है।
- उनका सवाल यह है कि क्या गेम के लिए कई मुख्य पहचानों का होना लंबे समय में सही है।
परीक्षण और प्रयोग अब विकास का हिस्सा हैं
टीम अब एक्सपेरिमेंटल मोड और छोटे बदलावों के जरिए यह समझने की कोशिश कर रही है कि खिलाड़ी क्या पसंद करते हैं। इसी सोच के कारण हालिया सीजन एक साथ पांच हीरोज जोड़कर लॉन्च हुआ।
केलर ने कहा कि खिलाड़ी 6v6 के पक्ष में एक स्पष्ट सिगनल भेज रहे हैं और टीम भविष्य में इस पर आगे काम करने के लिए तैयार है।
देरी से जवाब देना एक गलत कदम था
सबसे महत्वपूर्ण बात जो केलर ने स्वीकार की वह यह थी कि 6v6 बहस पर देर से प्रतिक्रिया देना कुछ हद तक "भरोसा खोना" साबित हुआ। उनके शब्दों में, Overwatch को पूरा बदलने की ज़रूरत नहीं थी. जो जरूरी था वह था कोर गेम को समझना, उसका संरक्षण करना और उसे धीरे-धीरे विकसित होने देना।
उन्होंने यह भी कहा कि बदलाव केवल किसी एक फीचर के कारण नहीं आए, बल्कि सुनने के तरीके, निर्णय लेने और लगातार मौजूद रहने के तरीके में बदलाव ने स्थिति बदली।
संक्षेप में क्या सीख मिली
- समुदाय की आवाज़ मायने रखती है: जल्दी सुनना और जवाब देना भरोसा बनाता है।
- कोर पहचान संभालना जरूरी है: बेसिक गेमप्ले तत्वों को समझना और सुरक्षित रखना चाहिए।
- प्रयोग जारी रखो: नए मोड और टेस्ट यह दिखाते हैं कि खिलाड़ी क्या चाहते हैं, पर इसे सावधानी से मैनेज करना होगा।
कुल मिलाकर, टीम ने माना कि वे गलतियां हुईं और अब खिलाड़ी संकेतों को बेहतर समझने और उन पर तेजी से काम करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं।