शिया ला बॉउफ को आखिरकार रोमा जाने की मंजूरी मिल गई ताकि वे अपने पिताजी के बाप्तिस्मा में शामिल हो सकें — हाँ, वही शिया जिनकी हालिया मारपीट वाली उलझनें न्यू ऑरलियन्स में छाई रहीं।

क्या बदला?

शुरू में एक लुइसियाना की जज ने शिया का इटली जाने का अनुरोध ठुकरा दिया था और कहा गया था कि उन्हें वहीं रहकर नशे संबंधी इलाज कराना चाहिए। लेकिन बाद में एक नए मजिस्ट्रेट ने उनकी दलील पर नजर डाली और उनकी एक सप्ताह की यात्रा को मंजूरी दे दी।

यात्रा की प्लानिंग

नए आवेदन के साथ इस बार यात्रा कार्यक्रम भी दिया गया था, जो कि शुरुआती दस्तावेज में नहीं था। शिया ने रोमा में एक सप्ताह रहने का प्लान प्रस्तुत किया और अदालत में वादा किया कि वे अपनी अगली सुनवाई, जो कि मार्च 19 को है, तक वापस आ जाएंगे।

संक्षेप में तथ्य

  • मंजूर की गई अवधि: लगभग एक सप्ताह, पहले मार्च 1 से 8 के लिए पूछी गई थी।
  • रजिस्ट्रेशन का कारण: पिता का बाप्तिस्मा।
  • वापसी का वादा: अगली कोर्ट तारीख से पहले लौटना।

मामला क्यों गरमा गया था?

यह सब एक मर्डी ग्रास सुबह की घटना से शुरू हुआ, जब शिया पर एक बार में झगड़ा करने और चोटिल होने समेत कई आरोप लगे। उन्हें साधारण बैटरी के दो आरोप लगे और बाद में उसी घटना से जुड़ा एक और बैटरी चार्ज दर्ज हुआ। दोनों बार उन्हें अस्थायी रूप से हिरासत में रखा गया था।

घटना के दौरान यह भी आरोप लगाया गया कि गिरफ्तारी के समय शिया ने homophobic गालियाँ दीं।

शिया ने खुद क्या कहा?

शिया ने कहा कि वे खुद को पीने की समस्या वाला इंसान नहीं मानते। उनके शब्दों में उन्होंने अपनी समस्या को एक नेपोलियन कॉम्प्लेक्स और काफी गुस्से से जोड़ा। साथ ही उन्होंने बताया कि लड़ाई तब शुरू हुई जब कुछ पुरुषों ने उनकी टांग छूई, जिससे वे डरे हुए महसूस करने लगे।

थोड़ा हल्का-फुल्का (पर सेंसिबल)

तो कहानी इतनी है: कोर्ट ने पहले कहा रुको और इलाज करो, फिर दूसरे जज ने कहा ठीक है, पर वापस आ जाओ। शिया रोमा जा रहे हैं, पिताजी की खुशी में शामिल होंगे और जनता की निगाहें और अदालत की तारीखें दोनों पर नज़र बनी रहेगी।

अगर आप भी सोच रहे हैं कि इस पूरे ड्रामे के बीच सबसे अजीब चीज क्या है, तो जवाब है कि जीवन कभी-कभी सिनेमा की स्क्रिप्ट से भी ज्यादा अजीब हो जाता है — और इसमें सब कुछ शामिल है: मारपीट, कोर्ट, बाप्तिस्मा और वापसी की शर्तें।