सर्दियों की कड़कड़ाती ठंड, एयर अटैक और लाखों लोगों के बिना बिजली और हीट के बावजूद, यूक्रेनी सेनाओं ने 2023 के बाद पहली बार कुछ क्षेत्र वापस जीतने की खबर दी है। यह जीत बड़ी नहीं लेकिन संकेतनीय है कि मोर्चे पर चीजें एकदम स्थिर नहीं हैं।
कितनी जमीन वापस मिली?
राष्ट्रपति के संदेश के अनुसार यूक्रेन ने करीब 460 वर्ग किलोमीटर जमीन वापस की, जो 2025 में खोए गए इलाके का लगभग 10 प्रतिशत है। हालांकि एक अमेरिकी थिंक-टैंक ने इसे करीब 257 वर्ग किलोमीटर आंका और बताया कि ज़्यादा सटीक मापना मुश्किल है क्योंकि मोर्चा बहुत परसियस है और अनेक 'ग्रे' इलाकों की पहचान कठिन है।
कहाँ-कहाँ फायदे हुए?
सबसे ज्यादा सफलता ड्निप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में दर्ज हुई, जहां रूसी मौजूदगी अब केवल कुछ कस्बों तक सीमित रह गई है। अधिकारियों ने कहा कि लगभग पूरा ड्निप्रोपेत्रोव्स्क मुक्त हो गया है। पड़ोसी ज़ापोरिज़िया में जनवरी से नौ कस्बे यूक्रेन ने वापस पाए हैं।
रूसी फौज की हालत और भर्ती की दिक्कतें
यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि मासिक नुकसान बहुत बड़े पैमाने पर हैं और रूस नई भर्ती से उन्हें पूरा नहीं कर पा रहा। एक उच्च सैन्य अधिकारी ने हाल में कहा कि 2025 में भर्ती तालमेल ने कुछ समय के लिए नुकसानों की भरपाई की, जब नए आवेदकों की संख्या कभी-कभी 60,000 तक पहुँचती थी। अब पश्चिमी प्रतिबंध और मुकाबले की थकावट ने भर्ती को धीमा कर दिया है।
रूस बड़े पैमाने पर कुल मिलाकर पूर्ण मोटराइज़्ड भर्ती करने से भी हिचक रहा है, शायद सार्वजनिक नाराजगी के डर से। एक तरीका छात्र-कर्मियों को ड्रोन ऑपरेटर बनाने का अपनाया जा रहा है, कुछ मामलों में जुड़ने पर अतिरिक्त भुगतान की पेशकश के साथ।
क्या यह बदलाब निर्णायक है?
ये जीत अभी तक जंग का पूरा रुख बदलने के लिए काफी नहीं मानी जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ये सामरिक रूप से मायने रखती हैं और संभवत: रूस की तय योजना पर असर डाल सकती हैं, लेकिन व्यापक स्तर पर निर्णायक नहीं हुईं। कुछ विश्लेषक इसे सीमित, राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में छोटे-मोटे सफल प्रयास बताते हैं।
ब्लैक सी में नया मोर्चा
समुद्री मोर्चे पर भी दिलचस्प घटनाएँ हो रही हैं। यूक्रेन ने नोवोरोस्सिय्स्क नामक प्रमुख बंदरगाह में रूसी नौसेना की उपस्थिति को चुनौती देना शुरू कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार मार्च की शुरुआत में ड्रोन हमलों में कई युद्धपोत निशाना बने, जिनमें एक ऐसा जहाज भी था जो क्रूज़ मिसाइलें लॉन्च कर सकता था।
यह सब 2023 में सेवासतोपोल से कुछ बड़े जहाज़ों के हटने के बाद की बुनियाद पर हुआ। यूक्रेन के पास ड्रोन उत्पादन का अभाव नहीं है और छोटे जहाज़ों के लिए खतरा खासा बना हुआ है, जबकि बड़े जहाज़ों के लिए भी हवा से सुरक्षा ही एक बड़ी उम्मीद बनकर रह गई है।
निष्कर्ष
संक्षेप में, यूक्रेन की हाल की भौगोलिक जीतें रणनीतिक मायने रखती हैं और मॉस्को की भर्ती तथा मनोबल संबंधी चुनौतियों को उजागर करती हैं। पर युद्ध का समग्र चित्र अभी बदला नहीं है और आगे के महीनों में ही स्पष्ट होगा कि ये जीत जंग की दिशा बदलने में सक्षम हैं या नहीं।
सावधानी: यह रिपोर्ट संघर्ष क्षेत्र की सूचनाओं और विभिन्न आकलनों पर आधारित है; मोर्चे पर वास्तविकता तेज़ी से बदल सकती है।