संक्षेप में
चाइनीज ग्रां प्री से पहले मैक्स वेरस्टैप्पन ने फिर से बताया कि वह Formula 1 छोड़ने का इरादा नहीं रखते। हालांकि नया पावर‑यूनिट नियम उन्हें खुश नहीं कर रहा और उन नियमों में बदलाव के लिए FIA के साथ सक्रिय बातचीत चल रही है।
क्या हुआ था?
इस सीजन की शुरुआत से ही वेरस्टैप्पन नए नियमों पर काफी आलोचनात्मक रहे। जनवरी के बार्सिलोना शेकडाउन के बाद उन्होंने नई गाड़ियों की तुलना "Formula E on steroids" से की और ऑस्ट्रेलियन ग्रां प्री के बाद कहा कि नई कारें उन्हें "बिल्कुल खाली" जैसा महसूस कराती हैं।
इतना ही नहीं, ओपनिंग राउंड के बाद शंका तब बढ़ी जब यह घोषणा हुई कि मैक्स इस मई में नूร์बर्गरिंग 24 घंटे रेस में डेब्यू करेंगे। मतलब, F1 का रोमांच कम लग रहा हो तो दूसरी रेसों में मस्ती ढूँढी जा रही है।
डोमेनिकाली ने क्या कहा और मैक्स की प्रतिक्रिया
F1 के CEO ने कहा कि वेरस्टैप्पन F1 छोड़ना नहीं चाहते, और मैक्स खुद भी यही मानते हैं। पर वह यह भी साफ कहते हैं कि उन्हें F1 में थोड़ा ज्यादा मज़ा चाहिए।
मैक्स ने कहा कि वह कई दूसरी चीजों में भी व्यस्त हैं जो उन्हें आनंद देती हैं: Nordschleife रेस कर रहे हैं और आने वाले वर्षों में Spa‑Francorchamps और उम्मीद है कि Le Mans भी कर पाएंगे। साथ ही उनकी टीम और इंजन विभाग के लोगों के साथ काम करना उन्हें पसंद है, इसलिए सब कुछ एक तरह की "पॉज़िटिव डिस्ट्रैक्शन" बन गया है।
कार ड्राइविंग से खुशी कम, टीम से खुशी ज़्यादा
वेरस्टैप्पन ने यह स्पष्ट किया कि नए नियमों वाली कार चलाने में उन्हें उतनी खुशी नहीं मिलती, पर टीम के लोगों और तकनीकी टीम के साथ काम करना अच्छा लगता है। यानी भावना थोड़ी बढ़िया‑खराबिया वाली है: रेसिंग से कम उल्लास, पर रेसिंग के पीछे की दुनिया अभी भी आकर्षक है।
छोटी‑सी हाज़िरजवाबी
इंटरव्यू के दौरान एक हल्का मजाक भी चला: उन्होंने गालियाँ देने पर जुर्माने की बात पर चुटकी ली — 5,000 के बारे में कहा, तो किसी ने 100,000 यूरो का सुझाव दे दिया। मैक्स ने हँसते हुए वर्क किया कि मामला ज्याादा गंभीर नहीं है, पर बात साफ है, हल्की शरारतों पर भी निगाह रहती है।
आगे का रास्ता
- मैक्स ने बताया कि FIA और F1 के साथ पावर‑यूनिट नियमों पर चर्चा चल रही है।
- उम्मीद जताई जा रही है कि इन चर्चाओं से स्थिति सुधरेगी और ड्राइविंग का मज़ा वापस आएगा।
- इन्हीं चर्चाओं के बीच वह अन्य मोटरस्पोर्ट इवेंट्स में भी हिस्सा लेकर अपनी रेसिंग भूख शांत कर रहे हैं।
नतीजा यह कि मैक्स F1 छोड़कर कहीं और भागने की प्लानिंग नहीं कर रहे। बस, अगर आप उनसे कल के रेस के बाद बातें सुन रहे हों तो थोड़ा सैडी‑होंठ वाला मैक्स भी मिल सकता है — पर टीम, इंजन वालों और कुछ पसंदीदा ट्रैक के साथ उनका रिश्ता अभी भी जिंदा है।
हमारा अंदाज़ा: FIA और F1 अगर समझौता कर लें तो मैक्स का चेहरा जल्द ही फिर से वही पुरानी मुस्कान दे सकता है। वरना वह Nordschleife पर गैस दबाकर अपना मूड ठीक कर लेंगे — और हमें मज़ा मिलता रहेगा।