नोट: नीचे दी गई जानकारी न्याय विभाग द्वारा जारी एपस्टीन फाइलों और सार्वजनिक रिपोर्टों पर आधारित है।

रिश्ते की रूपरेखा — क्या चल रहा था?

जुलेअना ग्लोवर और जेफरी एपस्टीन के बीच का प्रोफेशनल रिश्ता साल भर से ज्यादा चला और DOJ की फाइलों में दर्ज कई ईमेल, कुछ कॉल और दो मीटिंग्स दिखाई देती हैं। ये बातचीत अक्सर पॉलिटिकल रणनीति, तटस्थ/तीसरे पक्ष की राजनीति और मीडिया मैनेजमेंट पर थी।

ग्लोवर अमेरिका में एक जानी-मानी कंसर्वेटिव ऑपरेटर हैं, जिन्हें कई बार 'नेवर ट्रंप' गुट से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि एपस्टीन से जुड़ने का उनका मुख्य मकसद ट्रम्प के बारे में ऐसी जानकारी निकालना था जो उसके राजनीतिक भविष्य को नुकसान पहुंचा सके। पर DOJ फाइलों में ऐसे ईमेल नज़र नहीं आते जिनमें वे सीधे एपस्टीन से ट्रम्प के बारे में सबूत माँगती दिखती हों।

कितना बड़ा नेटवर्क था एपस्टीन का?

  • फाइलों के अनुसार एपस्टीन की पहुंच राजनीतिक स्पेक्ट्रम के दोनों किनारों तक थी।
  • ग्लोवर के नाम से फाइलों में कई संदर्भ मिलते हैं, पर खुद ग्लोवर ने इसे सीमित इंटरैक्शन बताया: वे कहती हैं कि उन्होंने एपस्टीन को 31 ईमेल भेजे, जिनमें से ज्यादातर लॉजिस्टिक्स और टेस्ला से जुड़ी थीं।
  • ग्लोवर का कहना रहा कि एपस्टीन कभी उनका क्लाइंट नहीं था और उन्होंने “कभी कोई मूल्यवान चीज” नहीं ली।

माइकल वुल्फ का रोल और एलन मस्क का ड्रामा

ग्लोवर की पहचान एपस्टीन से एक साझा जान-पहचान, पत्रकार माइकल वुल्फ के ज़रिये हुई। उस वक़्त ग्लोवर मस्क के लिए सलाह दे रही थीं और वुल्फ ने एपस्टीन को बताया कि ग्लोवर मस्क के मामलों पर उपयोगी राय दे सकती हैं।

2017-2018 में टेस्ला को निजी करने की चर्चाएँ थीं और सौदी अरब की संभावित फंडिंग पर सवाल थे। ग्लोवर ने एपस्टीन से कहा कि अगर वह किसी संप्रभु धन को सलाह दे रहा है तो वे अतिरिक्त जानकारी दे सकती हैं। एपस्टीन ने मस्क की काम चलाऊ डीलिंग और मिडल ईस्ट के ब्रस्टर पर टिप मिला जाना जैसी टिप्पणी भी की।

  • एपस्टीन ने संभावित टेस्ला बोर्ड सदस्यों के नाम सुझाए — जिनमें लॉरी समर्स और कैथी रूपमेलर शामिल थे; एक नाम ऐतिहासिक गलती भी था (मार्गरेट थैचर)।
  • कुछ लोगों ने अपने एपस्टीन कनेक्शनों पर माफी मांगी और पदों से हटे।
  • ग्लोवर ने एपस्टीन को मस्क के बारे में रिपोर्टर्स से बात करने का सुझाव दिया और एपस्टीन ने यह भी कहा कि कुछ रिपोर्टर्स मस्क के कथित ड्रग उपयोग की जांच कर रहे हैं।

डेमोक्रेसी प्रोजेक्ट: थोड़ी बहुत 'रीहैब' कोशिश

ग्लोवर ने एपस्टीन को मुख्यधारा के कुछ लोगों से मिलाने की कोशिश की — एक उदाहरण Freedom House के प्रमुख माइकल अब्रामोविट्ज़ से उनकी बातचीत है। मकसद था एपस्टीन की फ़िलान्थ्रॉपी के जरिए उसकी छवि को सुधारना, या कम से कम उसे कुछ सार्थक परियोजनाओं से जोड़ देना।

Freedom House ने बाद में कहा कि संगठन ने एपस्टीन से फ़ंड स्वीकार नहीं किया। ग्लोवर ने भी कहा कि वे केवल उस दिशा में बात करवा रही थीं क्योंकि उनका मानना था कि विदेशी लोकतांत्रिक समूहों को धन की जरूरत है और एपस्टीन ने पैसे देने का इरादा जताया था। उनके शब्दों में, कुछ भी ठोस नहीं निकला और उन्होंने Freedom House के नेताओं से माफी भी मांगी।

स्टीव बैनन के बारे में चेतावनी

एक दिलचस्प मोड़ यह था कि ग्लोवर ने एपस्टीन को स्टीव बैनन से बचने की सलाह दी। उनका कहना था कि बैनन के साथ जुड़ना एपस्टीन के हित में नहीं होगा क्योंकि बैनन "मैलिसियस और मैनीपुलेटिव" प्रकृति के हैं और वह किसी भी तरह की नकारात्मक चीज़ निकालने की कोशिश कर सकते हैं।

एपस्टीन ने कहा कि वह सलाह लेगा, पर फाइलें दिखाती हैं कि वह बैनन से तब भी बात जारी रखता रहा। इससे साफ़ होता है कि एपस्टीन अलग-अलग राजनीतिक धड़ों के साथ संबंध बनाए रखने में सक्षम था।

अंत में क्या हुआ?

फाइलों में मार्च 2019 का एक अंतिम संदर्भ आता है जब एपस्टीन ने ग्लोवर को अपने चार वकीलों का टाइम्स के संपादकीय पन्नों पर लिखा हुआ पत्र भेजा जिसमें आरोपों की संख्या बढ़ा-चढ़ाकर बताने का दावा था। ग्लोवर ने जवाब नहीं दिया।

फिर आठ अगस्त 2019 को एपस्टीन न्यूयॉर्क की जेल में मरा। इस कहानी की दिलचस्पी इसलिए नहीं केवल घिनौनी हरकतों में है, बल्कि इसलिए भी है कि कैसे एक विवादित शख्स ने राजनीतिक सलाहकारों, पत्रकारों और संस्थागत वर्कर्स के बीच जगह बना ली — कुछ लोग उसे महज़ एक अमीर कर्तव्यरहित व्यक्ति समझ कर 'कौर्ट' कर रहे थे, जबकि उसकी पृष्ठभूमि और अपराध बहुत ही गंभीर थे।

संक्षेप में

  • ग्लोवर और एपस्टीन के बीच संपर्क व्यावसायिक और राजनीतिक मकसदों से था; DOJ फाइलें इसे दर्ज करती हैं।
  • ग्लोवर कहती हैं कि उनका प्राथमिक उद्देश्य ट्रम्प के बारे में जानकारी निकालना था, पर फाइलें सीधे तौर पर ऐसे अनुरोध को दिखाती नहीं हैं।
  • टेस्ला और मस्क के मसलों में ग्लोवर ने एपस्टीन के कनेक्शनों का उपयोग करने की कोशिश की; परिणाम सीमित या निःफल रहे।
  • एक छोटी सी 'रीहैब' चाल के रूप में ग्लोवर ने एपस्टीन को Freedom House से मिलवाया; संगठन ने एपस्टीन से पैसे स्वीकार नहीं किए।

कहानी यह बताती है कि राजनीति और पब्लिक रिलेशंस की दुनिया में कभी-कभी लोग बेहद विवादित बाहरी लोगों के साथ भी बातचीत कर लेते हैं — और कभी-कभी वह बातचीत बाद में बड़े सवाल खड़े कर देती है।