शंघाई में हालिया ग्रां प्री के बाद फॉर्मूला 1 के माहौल में चीन के बढते रूचि की बात चर्चा का विषय बन गई है। वहां कोविड के बाद भरी हुई ग्रैंडस्टैंड्स और 230,000 की वीकेंड उपस्थिति ने कई ड्राइवरों को प्रभावित किया।
हैमिल्टन ने क्या कहा
लेविस हैमिल्टन ने कहा कि शंघाई इंटरनेशनल सर्किट "कमाल का" है और ग्रैंडस्टैंड्स देख कर वह चौंक गए थे क्योंकि टर्न 11 से 13 तक सीटें पूरी भरी हुई थीं। उन्होंने ड्राइवर पैरेड और भीड़ की स्थिति की तारीफ की और ट्रैक को चलाने में बहुत अच्छा बताया।
हैमिल्टन ने यह भी कहा कि चीन में मोटरस्पोर्ट की लोकप्रियता बढ़ रही है और वहां इतने सक्षम ऑटो निर्माता हैं कि भविष्य में कोई चीनी निर्माता F1 में आ सकता है। सरल भाषा में उन्होंने कहा कि यह अच्छा होगा अगर ऐसा कभी हो।
रसेल की सहमति
जॉर्ज रसेल ने हैमिल्टन की बातों का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि यह पहली बार था जब टर्न 11 और 12 की ग्रैंडस्टैंड्स पूरी तरह भरी हुई दिखीं। रसेल ने कहा कि上海 में मिले समर्थन की मात्रा उनके लिए अपने घरेलू ग्रां प्री के बाद सबसे ज्यादा रही।
उनका मानना है कि चीनी दर्शक और स्थानीय वातावरण फॉर्मूला 1 को अपनाने में सक्रिय हैं और यह रेस अब लंबे समय के लिए बने रहने वाली दिखती है। रसेल ने यह भी जोड़ा कि किसी चीनी ब्रांड का शामिल होना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
पिछला संदर्भ और संभावित प्रवेश
- इतिहास में अभी तक किसी चीनी निर्माता की अपनी F1 टीम नहीं रही है।
- इस साल ग्रिड का आकार बढ़कर 11 टीमें हो गया था जब जनरल मोटर्स ने कैडिलैक के साथ प्रवेश किया।
- कुछ रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि चीनी कंपनी BYD भविष्य में प्रवेश पर विचार कर रही है।
संक्षेप में
शंघाई की रेस ने यह दिखाया कि चीन में फॉर्मूला 1 के लिए दर्शक और कारोबारी रुचि तेजी से बढ़ रही है। हैमिल्टन और रसेल दोनों ने माना कि चीनी निर्माता का F1 में आना संभव और फायदेमंद हो सकता है, हालांकि अभी यह केवल संभावनाओं की बात है, निर्णायक कदम अभी बाकी हैं।