जूरी का फैसला संक्षेप में
लॉस एंजेलिस की एक जूरी ने बुधवार को फैसला सुनाया कि Meta और YouTube लापरवाही के दोषी हैं। जूरी ने कहा कि दोनों कंपनियों ने जान-बूझ कर ऐसे प्रोडक्ट डिजाइन किए जिनमें नशे जैसे गुण हैं, और इस वजह से एक युवा उपयोगकर्ता को वास्तविक नुकसान हुआ। साथ ही कंपनियों को चेतावनी देने में भी विफल पाया गया। मुकदमे में वादी को क्षतिपूर्ति के रूप में 3 मिलियन डॉलर देने का आदेश दिया गया।
मामले का छोटा इतिहास
यह मुकदमा सोशल मीडिया द्वारा युवा लोगों को हुए नुकसान के आरोपों पर पहला ऐसा केस है जो ट्रायल तक गया और फैसला आया। सुनवाई छह हफ्तों तक चली और जूरी को अपना निर्णय देने में लगभग नौ दिन लगे। पैनी निगाह वाले लोग अगले चरण में दंडात्मक हर्जाने की राशि का इंतजार कर रहे हैं, जिसे अगली सुनवाई में तय किया जाएगा।
केंद्र में कौन था
मुकदमے के कें द्र में 20 साल की एक महिला थीं जिनके कोर्ट रिकार्ड में उनके आद्याक्षर KGM हैं। KGM ने कोर्ट में बताया कि वह छह साल की उम्र में YouTube की तरफ खिंची और नौ साल की उम्र में Instagram पर निर्भर हो गईं। उन्होंने कहा कि दस साल की उम्र तक वे उदास हो गईं और आत्म-हानि करने लगीं।
13 साल की उम्र में उनके थेरेपिस्ट ने बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर और सोशल फोबिया की पहचान की, और KGM का कहना था कि यह Instagram और YouTube के लगातार इस्तेमाल से जुड़ा था। वकीलों, व्हिसलब्लोअर्स, सोशल मीडिया और एडिक्शन के विशेषज्ञों तथा कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों की गवाही ट्रायल में सामने आई।
कौन से फीचर सवाल में हैं
वादियों का तर्क था कि कुछ खास फीचर जैसे अनन्त स्क्रॉल और वीडियो ऑटोप्ले इन्हें इस्तेमाल करने वालों को लंबे समय तक ऐप पर टिकाए रखने के लिए बनाए गए थे। वादीयों ने यह भी कहा कि कंपनियों ने इन फीचरों के नुकसान और उपयोग पर होने वाले प्रभाव से सचेत रहते हुए भी समाधान या चेतावनी नहीं दी।
कानूनी आवाजें और बयान
KGM के वकील मार्क लैनीय़र ने क्लोजिंग आर्ग्यूमेंट में कहा कि बच्चों को फोन छोड़ने न देने का तरीका लक्षित इंजीनियरिंग है और कंपनियों ने ऐसे फीचर बनाकर यही किया। मुकदमे के वकील मानते हैं कि KGM का अनुभव हजारों अन्य युवाओं की समस्याओं का प्रतिनिधि है।
Meta ने कहा है कि वह फैसले से असहमत है और कानूनी विकल्पों का मूल्यांकन कर रही है। YouTube ने तुरंत टिप्पणी नहीं की। दोनों कंपनियों ने मुकदमे के दौरान गलत काम के दावों का इनकार किया है।
इसी श्रृंखला में बाकी मुक़दमों का हाल
यह केस कैलिफोर्निया में उन कई मामले की पहली कड़ी है जो Meta, TikTok, YouTube और Snap के खिलाफ एकत्रित रूप से लड़ी जा रही हैं। इस समूहीकरण में 1,600 से अधिक वादी हैं, जिनमें परिवार और स्कूल जिले शामिल हैं। TikTok और Snap ने KGM के केस से ठीक पहले निपटा लिया था।
इसके अलावा, न्यू मैक्सिको की एक अलग सुनवाई में Meta पर 375 मिलियन डॉलर के सिविल जुर्माने का आदेश दिया गया था। वहां की जूरी ने पाया कि कंपनी ने प्लेटफार्म की सुरक्षा के बारे में जनता को गुमराह किया और उपयोगकर्ताओं के खिलाफ होने वाले नुकसान में सक्षम रही। ये लगातार फैसले पहली बार बड़े पैमाने पर Meta को उसके प्लेटफार्म पर हुए कुछ कामों के लिए जवाबदेह ठहराते हैं।
आगे क्या होगा
- दंडात्मक हर्जाने की राशि अगली सुनवाई में तय होगी।
- यह पहला 'बेलवेदर' ट्रायल था; अगले 20 से अधिक बेलवेदर ट्रायल अगले कुछ वर्षों में होने वाले हैं ताकि जूरी की प्रतिक्रियाओं और कानूनी मिसाल का अंदाजा लग सके।
- एक अलग संघीय मुकदमे श्रृंखला में सैकड़ों वादी शामिल हैं और उसकी सुनवाई जून में सैन फ्रांसिस्को में शुरू होने वाली है।
निष्कर्षतः यह फैसला तकनीक और कानून के बीच बदलते रिश्ते का एक बड़ा संकेत है। जूरी ने माना कि डिजाइन और चेतावनी की कमी ने वास्तविक नुकसान पहुंचाया, और अब यह देखना बाकी है कि अदालतें और कंपनियां इस फैसले को किस तरह संभालती हैं।